सज्जनता दुर्जन को भी सज्जन बना देती है–सौम्ययशा श्रीजी
सज्जनता दुर्जन को भी सज्जन बना देती है–सौम्ययशा श्रीजी मनासा। दुर्जन व्यक्ति के प्रति की गयी दुर्जनता उसे और अधिक दुर्जन बनाएगी जब कि यदि उसके साथ सज्जनता का व्यवहार होगा तो एक दिन वह दुर्जन भी सज्जन बन जायेगा। परमात्मा ने जाने कितने ही पापी-हत्यारों को भी तारा है। उन्हें स्वयं के पापों की […]
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