अर्पित पोरवाल (रामगंजमण्डी) बने मिसाल, पहले चयन, अब दूसरे प्रयास में टॉप रैंक के साथ राजस्थान की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ाये कदम

अर्पित पोरवाल (रामगंजमण्डी) बने मिसाल, पहले चयन, अब दूसरे प्रयास में टॉप रैंक के साथ राजस्थान की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ाये कदम

मंदसौर

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अर्पित पोरवाल (रामगंजमण्डी) बने मिसाल, पहले चयन, अब दूसरे प्रयास में टॉप रैंक के साथ राजस्थान की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ाये कदम

मंदसौर। रामगंजमंडी के प्रतिभाशाली युवा अर्पित पोरवाल ने अपने अदम्य आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के दम पर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने महंगे कोचिंग प्लेटफॉर्म के पैकेज को ठुकराते हुए स्वअध्ययन के बल पर अपने पहले ही प्रयास में आरएएस 2023 की परीक्षा उत्तीर्ण कर 588वीं रैंक प्राप्त की।
अर्पित पोरवाल, पुत्र दिनेश पोरवाल, एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता रामगंजमंडी में एक छोटी-सी हार्डवेयर दुकान संचालित करते हैं। परिवार की सामान्य पृष्ठभूमि के बावजूद, पिता के संघर्ष और उनके पूर्व में एमपीपीएससी परीक्षा के प्रयासों ने अर्पित को प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा दी। इसी प्रेरणा को लक्ष्य बनाकर अर्पित ने वर्षों तक लगातार मेहनत की और अपने सपने को साकार किया।
लगातार 5-6 वर्षों की कठिन साधना, अनुशासन और समर्पण के परिणामस्वरूप अर्पित ने आरएएस 2023 भर्ती में सफलता हासिल की और 13 अप्रैल 2026 को झालावाड़ में फूड एन्फोर्समेंट इंस्पेक्टर के पद पर कार्यभार ग्रहण किया, जो उनके संघर्षपूर्ण सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
लेकिन असली उपलब्धि इसके बाद आई।
अर्पित ने आरएएस 2024 में शानदार वापसी करते हुए 162 वीं रैंक हासिल की। 17 अप्रैल 2026 को सम्पन्न हुए साक्षात्कार के बाद अगले ही दिन घोषित परिणाम में उनकी यह उत्कृष्ट रैंक उन्हें राजस्थान की शीर्ष 3 सेवाओं तहसीलदार या डिप्टी एसपी में स्थान पाने की मजबूत स्थिति में ले आई है।
अर्पित, भाजपा मध्य प्रदेश के कार्यसमिति सदस्य मुकेश काला एवं नरेंद्र काला जिला भाजपा उपाध्यक्ष कोटा देहात के छोटे भाई हैं। साथ ही, उनका पारिवारिक संबंध खड़ावदा से भी जुड़ा हुआ है, जहां उनके पिता का पैतृक निवास है। अर्पित ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने छोटे भाई आदित्य को दिया है, जिनके सहयोग, विश्वास और निरंतर प्रेरणा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्पित पोरवाल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रामगंजमंडी और राजस्थान के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गई है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि सच्ची लगन, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयास के साथ कोई भी सपना हकीकत में बदला जा सकता है।

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