गांधीसागर जलाशय (मंदसौर) में अवैध शिकार की घटना एवं मगरमच्छ की मृत्यु के वायरल विडियो पर कार्यवाही

गांधीसागर जलाशय (मंदसौर) में अवैध शिकार की घटना एवं मगरमच्छ की मृत्यु के वायरल विडियो पर कार्यवाही

मंदसौर

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गांधीसागर जलाशय (मंदसौर) में अवैध शिकार की घटना एवं मगरमच्छ की मृत्यु के वायरल विडियो पर कार्यवाही

मंदसौर – वनमण्डलाधिकारी श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि गांधीसागर जलाशय के संजीत क्षेत्र के बैकवाटर में दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ वीडियो संज्ञान में आए, जिनमें बड़ी संख्या में मृत मछलियाँ एवं एक मगरमच्छ के मृत होने की आशंका व्यक्त की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ बाहरी व्यक्तियों द्वारा जल में विद्युत करंट प्रवाहित कर अवैध रूप से मछलियों का शिकार किया जाना सामने आया। घटना की सूचना प्राप्त होते ही नाहरगढ़ पुलिस, वन विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से त्वरित कार्यवाही करते हुए पश्चिम बंगाल के 03 आरोपियों सुकांत सरकार, सुजान विश्वास, देवव्रत विश्वास को गिरफ्तार किया गया। 

आरोपियों के कब्जे से अवैध शिकार में प्रयुक्त UPS बैटरी, विद्युत तार एवं अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। प्रकरण में मत्स्य अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

वन विभाग द्वारा दिनांक 16 से 18 अप्रैल 2026 तक सतत सर्चिंग अभियान चलाया गया। दिनांक 18 अप्रैल को संजीत डूब क्षेत्र के सान टापू के समीप एक मृत मगरमच्छ पाया गया, जो अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। अभ्यारण्य गांधीसागार में पदस्थ वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. आकाश वाल्मिकी द्वारा मौके पर वैज्ञानिक परीक्षण हेतु नमूने लिए गए एवं पोस्टमार्टम किया गया। तत्पश्चात वनमण्डलाधिकारी मंदसौर, राजस्व, वन स्टाफ एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में मृत मगर का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी पिछले दो महीनों से इस क्षेत्र में सक्रिय थे और करंट के माध्यम से मछलियों का अवैध शिकार कर रहे थे, जिससे जलीय पारिस्थितिकी को गंभीर क्षति पहुंची है। इसी दौरान मगरमच्छ की मृत्यु भी करंट की चपेट में आने से होना संभावित है।

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वन विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्यवाही की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पूरे नेटवर्क की जांच एवं क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग आमजन से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

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