शहर में प्रातः काल से ही गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने को लेकर गो भक्तों के आह्वान पर संपूर्ण बंद रहा।

शहर में प्रातः काल से ही गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने को लेकर गो भक्तों के आह्वान पर संपूर्ण बंद रहा।

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शहर में प्रातः काल से ही गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने को लेकर गो भक्तों के आह्वान पर संपूर्ण बंद रहा।

सरवानिया महाराज। गौ माता के सम्मान में समस्त गौ भक्त धामनिया लासूर चौराहे स्थित श्री काल भैरव मुक्ति धाम परिसर में एकत्रित होकर एक रेली के माध्यम से प्राप्त 10:30 बजे कृषि उपज मंडी जावद हेतु निकले !
जहां जावद तहसील मुख्यालय पर आयोजित गौ सम्मान आह्वान अभियान ऐतिहासिक जनआंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया। जावद-मोरवन मंडल सहित आसपास के अनेक गांवों से पहुंचे हजारों गौभक्तों ने एकजुट होकर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गोवंश संरक्षण के लिए सशक्त राष्ट्रीय नीति बनाए जाने की मांग बुलंद की। अभियान के अंतर्गत ज्ञापन सौंपने से एक दिन पूर्व सरवानिया नगर में गौभक्तों द्वारा विशाल पैदल जनजागरण रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से नगरवासियों, व्यापारियों और आमजन से स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर जावद पहुंचने का आह्वान किया गया। गौभक्तों की इस अपील का व्यापक प्रभाव देखने को मिला और सोमवार सुबह सरवानिया नगर सहित क्षेत्र के अनेक स्थानों पर व्यापारियों एवं नागरिकों ने स्वेच्छा से लगभग पांच घंटे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर गो सम्मान आह्वान अभियान को समर्थन दिया। सोमवार प्रातः 11 बजे नीमच रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर से महंत राजेंद्रनाथ योगी (आदेश आश्रम, नयागांव) की गरिमामयी उपस्थिति में विशाल पैदल रैली प्रारंभ हुई। महिला, पुरुष, युवा, मातृशक्ति एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए गोभक्तो ने उत्साहपूर्वक रैली में भाग लिया। रैली तहसील कार्यालय पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार नवीन गर्ग को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन मोरवन गौशाला संचालक विमल जैन द्वारा किया गया। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक सम्मान देने, गोहत्या पर देशव्यापी पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गो संरक्षण हेतु विशेष नीति निर्माण, गोशालाओं के विकास, गोवंश अनुसंधान, अनुदान वृद्धि तथा गौ आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। गोभक्तों ने अपने संबोधन में कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, कृषि व्यवस्था एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए उन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाना समय की मांग है। देशभर की पांच हजार से अधिक तहसीलों में एक साथ आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से गौ संरक्षण के प्रति जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के समापन पर रुपलाल पाटीदार एवं अजयप्रताप सिंह राणावत ने सभी गौभक्तों, मातृशक्ति, व्यापारियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल क्षेत्र में गौ संरक्षण के प्रति जनसमर्थन का प्रतीक बना, बल्कि गो सेवा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक एकजुटता के संरक्षण के लिए समाज की व्यापक सहभागिता का सशक्त संदेश भी दे गया।

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