संत रविदास स्वरोजगार योजना बनी धर्मेंद्र के आत्मनिर्भरता की आधारशिला

संत रविदास स्वरोजगार योजना बनी धर्मेंद्र के आत्मनिर्भरता की आधारशिला

नीमच

Shares

//सफलता की कहानी// 

संत रविदास स्वरोजगार योजना बनी धर्मेंद्र के आत्मनिर्भरता की आधारशिला

नीमच। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित संत रविदास स्वरोजगार योजना अनेक युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ लेकर नीमच के स्कीम नंबर-9 निवासी धर्मेन्द्र यादव आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। वे वर्तमान में हरिकृष्णा ऑनलाइन एंड एज्युकेशन सेंटर का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं तथा स्वयं के साथ अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि प्रारंभ में उनके पास केवल एक कंप्यूटर था, जिससे सीमित स्तर पर ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। व्यवसाय का विस्तार करने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों का अभाव था। इसी दौरान उन्होंने जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना में आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने पर भारतीय स्टेट बैंक, दशहरा मैदान शाखा, नीमच से उन्हें 4.40 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।

योजना से मिली आर्थिक सहायता के बल पर धर्मेन्द्र ने अपने सेंटर का विस्तार किया। आज उनके संस्थान में 7 से 8 कंप्यूटर संचालित हो रहे हैं। यहां विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा एवं विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है।

धर्मेन्द्र बताते हैं कि उनके संस्थान से उन्हें प्रतिमाह लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से तीन अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। वे कहते हैं कि यदि शासन की यह योजना नहीं होती तो व्यवसाय का विस्तार करना संभव नहीं था।

ALSO READ -  शनि अमावस्या पर शनि मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

धर्मेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की स्वरोजगारोन्मुखी योजनाओं ने युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है। आज वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश सरकार युवाओं, अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों तथा नवाचार की इच्छा रखने वाले युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करना भी है। इससे प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है और “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के संकल्प को मजबूती मिल रही है।

Shares
WhatsApp Group Join Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *