पुरूषोत्तम (अधिक) मास प्रारंभ, केशव सत्संग भवन में 1008 केशवानंद जी महाराज का हुआ आगमन, प्रतिदिन होगा नारद भक्ति सूत्र का वाचन

पुरूषोत्तम (अधिक) मास प्रारंभ, केशव सत्संग भवन में 1008 केशवानंद जी महाराज का हुआ आगमन, प्रतिदिन होगा नारद भक्ति सूत्र का वाचन

मंदसौर

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पुरूषोत्तम (अधिक) मास प्रारंभ, केशव सत्संग भवन में 1008 केशवानंद जी महाराज का हुआ आगमन, प्रतिदिन होगा नारद भक्ति सूत्र का वाचन

भक्ति से निर्भयता आती है – केशवानंद जी महाराज

मंदसौर। दिनांक 17 मई 2026, रविवार से पुरूषोत्तम (अधिक) मास का प्रारंभ हो  गया है। इस मास में धर्म आराधना का विशेष महत्व होता है। इसलिए केशव सत्संग भवन, खानपुरा में पुरूषोत्तम (अधिक) मास  के शुभ अवसर पर  पूज्य पाद 1008 केशवनानंद जी महाराज चिन्मय मशीन आकोला का पर्दापण हो चुका है। आपके मुखारविंद से प्रतिदिन नारद भक्ति सूत्र पर आधारित दिव्य प्रवचनों का आयोजन प्रात: 8.30 बजे से 10 बजे तक हो रहा है।
पुरूषोत्तम (अधिक) मास के प्रथम दिवस केशवनानंद जी महाराज चिन्मय मशीन आकोला ने बताया कि भक्ति से निर्भयता आती है। भक्त प्रहलाद को डराने के लिए हिरणयकश्यप ने अनेक प्रयास किये लेकिन भक्त प्रहलाद के ह्दय में भगवान को लेकर भक्ति थी इसलिए उन्हें कभी भय नही ंलगा। आपने देवर्षि नारद के जीवन के बारे में बताया कि नारद मुनि ब्रम्ह देव के मानस पुत्र थे। पिछले जन्म में वे दासी पुत्र थे जब उनकी माताजी ने शरीर छोड़ा तब वे संसार को छोड़कर भगवान की तलाश में निकल गये तब उन्हें संतो का सानिध्य प्राप्त हुआ और उन्होेने नारदमुनि को बताया कि वे ओम नमो भगवतै: वासुदेवाय नम: का जाप करे ऐसे में वे जीवन पर्यन्त ये जाप करते रहे फिर प्रलय आया उन्होने अपना शरीर त्यागा और पुन: जब  ब्रम्हाजी ने पृथ्वी का सृजन किया तब देवर्षि नारद ब्रम्हा जी के मानस पुत्र के रूप मेंं प्रकट हुए और सभी देवी देवताओं का स्नेह उन्हें प्राप्त था वे एक मात्र थे जो एक ही शरीर से पृथ्वी लोक, पाताल लोक, स्वर्ग लोक  और ब्रम्ह लोक में जा सकते थे। उन्होने अपने कर्मो के बल पर यह प्राप्त किया था क्योंकि कहां दासी पुत्र से वे देवर्षि नारद मुनि बन गये। इसलिए सदैव अच्छे कर्म करना चाहिए।

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आत्म ज्ञान को प्राप्त करें
धर्मसभा में स्वामी जी ने कहा कि भगवान का सबसे कृपा पात्र मनुष्य ही है। लेकिन अज्ञानता के कारण सबसे ज्यादा दुखी और परेशान भी मनुष्य ही रहता है। इसलिए आत्म ज्ञान को प्राप्त करें। ईश्वर को न जानने के कारण मनुष्य अपने जीवन में परेशान रहता है और जो व्यक्ति ईश्वर को जान लेता हे वह कभी परेशान और दुखी नहीं रहता है। भक्ति करके, संतो के प्रवचनों को श्रवण करके ईश्वर के ज्ञान को प्राप्त किया जा सकता है।
केशव सत्संग भवन ट्रस्ट अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया और कारूलाल सोनी ने बताया कि हर बार पुरूषोत्तम (अधिक) मास के दोरान संतो का आगमन होता है जिनके प्रवचनों का लाभ धर्मालुजन लेते है। इस बार पुरूषोत्तम (अधिक) मास के दौरान पूज्य पाद 1008 केशवनानंद जी महाराज अकोला के मुख से प्रतिदिन 17 मई रविवार से  प्रात: 8.30 बजे से 10 बजे तक  नारद भक्ति सूत्र दिव्य प्रवचनो का वाचन  हो रहा है जिसमें नगर की धर्मप्रेमी जनता अधिक से अधिक  संख्या में लाभ प्राप्त करें। 

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