असावती के ग्रामीणों ने अधूरी पुलिया के लिए किया चक्का जाम, अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
असावती: पिछले 12 साल से अधूरे पड़े ब्रिज निर्माण से परेशान असावती, भड़का, रोला सहित दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों ने आज सुबह 7:30 बजे जावरा-सीतामऊ रोड पर चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने पुलिया चालू कराने की मांग को लेकर सड़क पर डेरा डाल दिया।
चक्का जाम की सूचना के घंटों बाद सेतु विभाग के सब इंजीनियर और पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचे। इंजीनियर द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण जन वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार वैभव जैन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी और सेतु विभाग के अधिकारियों से अधूरे निर्माण कार्य की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने सब इंजीनियर के समक्ष असावती, भड़का और रोला पुलिया को अस्थाई तौर पर चालू करने की मांग रखी। लंबी चर्चा के बाद सब इंजीनियर ने लिखित आश्वासन दिया।
अधिकारियों द्वारा दिया गया लिखित आश्वासन:
1. असावती खाल की पुलिया का अस्थाई कार्य दो दिन में चालू कर आवागमन शुरू किया जाएगा।
2. रोला पुलिया को 30 जुलाई तक अस्थाई रूप से चालू कर दिया जाएगा।
3. असावती, भड़का, रोला पुलिया का संपूर्ण स्थाई कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर चालू कर दिया जाएगा।
4. असावती चंबल नदी की पुलिया का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 में शुरू कर दिसंबर 2027 तक पूर्ण कर चालू किया जाएगा।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो पुनः उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस धरना प्रदर्शन में दीपक परमार असावती, गोपाल सिसोदिया, दिग्विजय सिंह, भेरूलाल परमार मरम्या, ऋतुराज सिंह डोडिया, अफरोज मंसूरी, दिनेश गुजराती आनखेड़ी, राधेश्याम धनगर, महेश आंजना, पदम आंजना मेलुखेड़ी, गोपाल शर्मा शक्करखेड़ी, मंजू बापू, कमल सिंह बोरवनी राकेश धनगर बद्री पांचाल सहित आसपास के समस्त गांवों के सैकड़ों ग्रामीण जन मौजूद रहे।

