मंडी शुल्क वृद्धि वापस नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन: निर्विकार रातड़िया
कांग्रेस जिला उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने मंडी सचिव को सौंपा ज्ञापन, 1.5% शुल्क बढ़ोतरी का किया कड़ा विरोध
मंदसौर। मध्य प्रदेश शासन द्वारा मंडी शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में शुक्रवार, 31 जुलाई को जिला उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ (कांग्रेस) के तत्वावधान में मंडी सचिव को एक ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने बढ़ा हुआ टैक्स कम नहीं किया, तो व्यापारियों और किसानों के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बिना चर्चा के थोपा गया 1.5 प्रतिशत टैक्स
जिला उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निर्विकार रातड़िया ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने मंडी व्यापारियों से बिना किसी बातचीत के मंडी शुल्क में 1.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसका नुकसान सिर्फ व्यापारियों को ही नहीं होगा, बल्कि इसका सीधा असर अन्नदाता किसानों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस भारी शुल्क वृद्धि के कारण मंडी व्यापारी यहां से पलायन करने को मजबूर होंगे, जिसका असर मंदसौर सहित पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़, टैक्स वापसी हो
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव सोमिल नाहटा ने कहा कि व्यापारी किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उन पर इतना भारी-भरकम टैक्स लगा देना पूरी तरह से गलत है। सरकार को जल्द से जल्द यह बढ़ा हुआ टैक्स वापस लेना चाहिए।
मंडी की अव्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल
जिला कांग्रेस के महासचिव अजय लोढ़ा ने मंडी की लचर व्यवस्थाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मंडी में भारी अव्यवस्था है, जिससे व्यापारियों, किसानों और हम्मालों को रोज असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। मंडी प्रशासन को तत्काल प्रभाव से मंडी की व्यवस्थाएं सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन का वाचन राजेश हिंगड़ ने किया। इस अवसर पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इष्टा भाचावत, विकास दशोरा, मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज जैन, कुशल डोसी, संजय जैन अंकित, अभिषेक जैन, अरविंद जैन, कमलेश जैन, पलाश सेठी, हेमंत हिंगड़, दिनेश कल्याणी, सुरेंद्र कुमावत, वर्षा सांखला, उस्मान मंसूरी, अमित छाबड़ा, अक्षय जैन, अशोक पोरवाल, कमलेश रतनावत, सुनील गुप्ता और जितेन शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं किसान उपस्थित थे।

