पान की खेती से किसान ने लिखी समृद्धि की नई कहानी

पान की खेती से किसान ने लिखी समृद्धि की नई कहानी

नीमच

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//सफलता की कहानी//

पान की खेती से किसान ने लिखी समृद्धि की नई कहानी

नीमच – मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत तकनीकों एवं विभागीय मार्गदर्शन से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जिले के विकासखंड मनासा की तहसील कुकड़ेश्वर के किसान श्री यशवंत आशाराम जी तम्‍बोली की सफलता के रूप में सामने आया है।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री तम्‍बोली ने मात्र 0.25 एकड़ क्षेत्र में पान की खेती अपनाई और मालवा क्षेत्र की शुष्क जलवायु तथा पानी की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद इसे लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। उन्होंने जैविक तरीकों एवं जीवामृत का उपयोग कर पान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया, जिससे पत्तों का आकार बड़ा, चमकदार और आकर्षक हुआ।

आज कुकड़ेश्वर का पान नीमच, मंदसौर सहित राजस्थान के चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर तथा अन्य प्रमुख बाजारों तक पहुंच रहा है। सीधे थोक व्यापारियों को विक्रय होने से उन्हें प्रति पान 1 से 6 रुपये तक का मूल्य प्राप्त हो रहा है।

इस खेती से श्री तम्‍बोली को प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त होती है। लगभग 1 लाख रुपये का वार्षिक व्यय निकालने के बाद वे 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि आधुनिक तकनीक, विभागीय सहयोग और नवाचार के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर उनके खेत का भ्रमण कर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तथा अन्य किसानों को भी पान की वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को तकनीक आधारित खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल ऐसे नवाचारों को नई दिशा दे रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।

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