मंदसौर मेडिकल कॉलेज में सफल सुप्रा मेजर सर्जरी से महिला मरीज को मिला नया जीवन
मंदसौर/ सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डीन डॉ. शशि गांधी द्वारा बताया गया कि सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में जनरल सर्जरी विभाग द्वारा एक अत्यंत जटिल एवं जीवनरक्षक Supra Major Surgery (Above Knee Amputation) सफलतापूर्वक संपन्न कर एक महिला मरीज का जीवन बचाया गया।
47 वर्षीय महिला लंबे समय से अनियंत्रित मधुमेह (ब्लड शुगर लगभग 500 mg/dl तक), गंभीर Peripheral Arterial Disease (PAD) एवं बाएं पैर में रक्त प्रवाह पूर्णतः बंद होने की समस्या से पीड़ित थीं। मरीज का पूर्व में एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहाँ उचित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें दूसरे शहर लेकर गए, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा भी Limb Salvage Surgery की संभावना से इंकार कर दिया गया। अंततः मरीज को सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में भर्ती कराया गया।
यहाँ जनरल सर्जरी एवं मेडिसिन विभाग की टीम ने लगभग 10 दिनों तक मरीज का गहन उपचार किया। इस दौरान अनियंत्रित मधुमेह, संक्रमण, एंटीकोआगुलेशन थेरेपी, PT/INR की असामान्यता तथा अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं का समुचित प्रबंधन किया गया।
डॉप्लर एवं अन्य जांचों में Left Popliteal Artery के बाद रक्त प्रवाह पूर्णतः बंद, Anterior Tibial, Posterior Tibial एवं Dorsalis Pedis Arteries में Flow अनुपस्थित, साथ ही Deep Vein Thrombosis (DVT) एवं व्यापक Atherosclerotic Disease पाई गई। मरीज की क्लीनिकल स्थिति Rutherford Classification Stage III (Irreversible Acute Limb Ischemia) के अनुरूप थी, जिसमें पैर के ऊतकों का अपरिवर्तनीय नेक्रोसिस हो चुका था।
Above Knee Amputation क्यों आवश्यक था?
विशेषज्ञों के अनुसार इस अवस्था में पैर को बचाना संभव नहीं था। यदि मृत एवं संक्रमित अंग को शरीर से अलग नहीं किया जाता, तो संक्रमण तेजी से पूरे शरीर में फैलकर Sepsis, Septic Shock, Multi Organ Failure तथा अंततः मृत्यु का कारण बन सकता था।
चूंकि घुटने के नीचे पर्याप्त स्वस्थ एवं रक्तसंचारित ऊतक उपलब्ध नहीं थे, इसलिए Below Knee Amputation चिकित्सा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं था। ऐसे में Above Knee Amputation ही मरीज का जीवन बचाने का एकमात्र सुरक्षित एवं वैज्ञानिक विकल्प था।
इस ऑपरेशन द्वारा सभी मृत एवं संक्रमित ऊतकों को हटाकर संक्रमण को नियंत्रित किया गया और मरीज की जान बचाई गई। यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर के जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ईशांत चौरसिया के नेतृत्व में डॉ. रमेश यादव, डॉ. मारिया खेड़ीवाला, डॉ. राहुल बिस्वास एवं डॉ. आकाश कुशवाह द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।
इस जटिल उपचार में सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर के मेडिसिन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक मकवाना, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव अखंड, अस्थिरोग विभाग , डॉ आकाश जामरा सहायक प्राध्यापक अस्थि रोग विभाग तथा एनेस्थीसिया विभाग के वरिष्ठ डॉ. देवेन्द्र कुमार पिप्पल , डॉ. प्रेम चंद्र आर्य का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सीमित संसाधनों के बावजूद ऑपरेशन हेतु आवश्यक शल्य उपकरण एवं दवाओं की व्यवस्था अस्पताल स्तर पर की गई। यह संपूर्ण कार्य सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मंदसौर की डीन डॉ. शशि गांधी एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर के चिकित्सा अधीक्षक एवं सिविल सर्जन डॉ. बी. एस. रावत के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है, संक्रमण नियंत्रण में है तथा वह स्वस्थ होकर शीघ्र पुनर्वास की ओर अग्रसर हैं।
जनता के लिए संदेश
वर्षों से आमजन में यह धारणा रही है कि इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में बड़े एवं जटिल ऑपरेशन संभव नहीं हैं। किंतु सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर की स्थापना एवं सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था के बाद अब यहाँ आधुनिक तकनीकों के साथ जटिल एवं जीवनरक्षक शल्यक्रियाएँ नियमित रूप से सफलतापूर्वक की जा रही हैं।
जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ईशांत चौरसिया ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल ऑपरेशन करना नहीं, बल्कि साक्ष्य-आधारित एवं वैज्ञानिक चिकित्सा के माध्यम से प्रत्येक मरीज का जीवन बचाना है। जब किसी अंग को बचाना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं रहता, तब समय पर किया गया Above Knee Amputation ही मरीज को Sepsis एवं मृत्यु से बचाने का सर्वोत्तम उपचार होता है। आज सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में ऐसे जटिल जीवनरक्षक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।”

