स्कूलों से शुरू होगी बच्चों की आंखों की सुरक्षा, गोमाबाई नेत्रालय ने 60 शिक्षकों को दिया दृष्टि जांच का प्रशिक्षण
22 अगस्त 2026 | गोमाबाई नेत्रालय, नीमच
बच्चों की आंखों की सुरक्षा अब स्कूल स्तर पर भी मजबूत होगी। बाल नेत्र स्वास्थ्य एवं सुरक्षा माह के अंतर्गत गोमाबाई नेत्रालय में मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें करीब 60 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बच्चों की आंखों में छिपी परेशानी पहचानना सीखा
प्रशिक्षण के दौरान गोमाबाई नेत्रालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शिक्षकों को बच्चों में होने वाली विभिन्न नेत्र बीमारियों एवं दृष्टि संबंधी समस्याओं के शुरुआती संकेतों की पहचान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके साथ ही शिक्षकों को विजन टेस्टिंग की तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे विद्यालय में बच्चों की प्राथमिक दृष्टि जांच कर सकें और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर समय रहते बच्चे को विशेषज्ञ चिकित्सक तक पहुंचाया जा सके।
हर स्कूल में होगी आंखों की प्राथमिक जांच
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को विजन टेस्टिंग किट भी प्रदान की गई। अब प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की प्राथमिक दृष्टि जांच करने में सक्षम होंगे। इससे बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सकेगी।
प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के अवसर पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए बच्चों के नेत्र स्वास्थ्य के लिए इसे महत्वपूर्ण पहल बताया।
नेत्रालय प्रबंधन एवं टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में गोमाबाई नेत्रालय समिति के सदस्य अनिल एस. गोयल एवं अनिल बी. गोयल, मेडिकल डायरेक्टर, सीईओ, अस्पताल प्रबंधन तथा नेत्रालय की पूरी टीम उपस्थित रही।
बाल नेत्र स्वास्थ्य एवं सुरक्षा माह के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों की आंखों की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्कूलों को बच्चों के बेहतर नेत्र स्वास्थ्य की पहली सुरक्षा पंक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
“समय पर पहचान, समय पर उपचार—हर बच्चे की बेहतर दृष्टि का आधार।”

