केन्द्र सरकार की तानाशाही के विरोध में आम आदमी पार्टी ने निकाला पैदल विरोध मार्च
नीमच। महान वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक जी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए जा रहे आमरण अनशन को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तानाशाही रवैया अपनाते हुए जबरन बलपूर्वक हटाए जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी, जिला इकाई मंदसौर द्वारा एक विशाल पैदल विरोध मार्च निकाला गया। इस मार्च के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक मामले में देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी पुरजोर मांग की।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विरोध दर्ज कराया। यह पैदल विरोध मार्च नगर के विभिन्न मार्गों और चौराहा से निकली गई ,इस दौरान मार्ग में आम जनता और स्थानीय नागरिकों ने भी आम आदमी पार्टी के इस कदम की सराहना की और अभिवादन कर अपना पूर्ण समर्थन दिया।
विरोध मार्च के दौरान आप पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ देश के युवाओं का भविष्य पेपर लीक की वजह से अंधकार में है, वहीं दूसरी तरफ जब देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक जी इसके विरोध में और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आमरण अनशन पर बैठते हैं, तो केंद्र सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय पुलिसिया बल का प्रयोग कर अनशन को तुड़वाने का काम करती है। केंद्र सरकार की यह अनदेखी और तानाशाही पूर्ण रवैया लोकतंत्र की हत्या है, जिसे आम आदमी पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस शांतिपूर्ण और प्रभावी पैदल विरोध मार्च में आम आदमी पार्टी के प्रदेश पेंशनर प्रकोष्ठ अध्यक्ष बालचंद वर्मा,जिला अध्यक्ष डॉ.राजू पाल, जिला संगठन सचिव चंद्रेश सेन सहित सत्यनारायण ओझा, नरेंद्र पाटीदार, अशोक सागर, लविश कनोजिया, जाकिर कबाड़ी, प्रह्लाद काबरा, उदयराम चौहान, रमेश गुर्जर सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी प्रकाश दोसावत द्वारा दी गई।

