ब्लॉक स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता में स्व-सहायता समूहों ने दिखाया हुनर, पौष्टिक आहार और नवाचार पर दिया गया जोर

ब्लॉक स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता में स्व-सहायता समूहों ने दिखाया हुनर, पौष्टिक आहार और नवाचार पर दिया गया जोर

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ब्लॉक स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता में स्व-सहायता समूहों ने दिखाया हुनर, पौष्टिक आहार और नवाचार पर दिया गया जोर

अठाना। जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन सांदीपनि विद्यालय जावद में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय खाद्य सामग्री आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा रहे। विशिष्ट अतिथियों में जनपद पंचायत जावद अध्यक्ष गोपाल चारण, भाजपा उपाध्यक्ष श्यामसुंदर काबरा, मंडल अध्यक्ष सचिन गोखरू, एसडीएम प्रीति सिंघवी, तहसीलदार, बीआरसी घनश्याम मेघवाल तथा मध्यान्ह भोजन प्रभारी अशोक सखवाड़िया उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता में जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत सभी संकुलों के जनशिक्षकों एवं विभिन्न विद्यालयों से जुड़े स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्थानीय अनाज, दालों, हरी सब्जियों एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों से तैयार किए गए विविध व्यंजनों का आकर्षक प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने व्यंजनों की गुणवत्ता, पौष्टिकता, स्वच्छता, स्वाद एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में विवेकानंद समूह, सांदीपनि विद्यालय जावद ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जय माता दी समूह, एकीकृत शाला माध्यमिक विद्यालय बराड़ा को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं सरस्वती समूह, नगर परिषद अठाना सहित दो समूहों को तृतीय पुरस्कार तथा चार अन्य समूहों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में शामिल सभी स्व-सहायता समूहों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शैक्षणिक विकास से भी जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्यान्नों, मोटे अनाजों एवं पारंपरिक व्यंजनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बच्चों को प्रतिदिन मेनू के अनुरूप पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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कार्यक्रम की व्यवस्थाएं बीआरसी घनश्याम मेघवाल एवं मध्यान्ह भोजन शाखा प्रभारी अशोक सखवाड़िया के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। मंच संचालन जनशिक्षक गोस्वामी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने सभी प्रतिभागी समूहों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों को बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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