तेजाजी धाम में आस्था का अनोखा उदाहरण: बुजुर्ग की मन्नत पूरी, बेटे ने निभाई अनोखी परंपरा
मंदसौर। आस्था, विश्वास और भक्ति का एक अनोखा दृश्य मंदसौर जिले के गांव धतुरिया स्थित तेजाजी धाम में देखने को मिला, जहां एक बुजुर्ग की मन्नत पूरी होने पर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा का माहौल बन गया।
मन्नत पूरी होने पर शुरू हुई लोटन यात्रा
गांव के बुजुर्ग गोपाल गुर्जर ने वीर तेजाजी से मन्नत मांगी थी, जो जल्दी पूरी हो गई। अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए उन्होंने “लोटन यात्रा” (लोटते हुए यात्रा) करने का संकल्प लिया और गांव की ओर लौटते समय इस यात्रा की शुरुआत की।
ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर यह यात्रा शुरू हुई, जिसमें आसपास के ग्रामीण भी शामिल हुए और माहौल पूरी तरह भक्तिमय बन गया।
बेटे ने निभाया पिता का संकल्प
जब गोपाल गुर्जर बांसाखेड़ी के पास पहुंचे, तो उनके बेटे अर्जुन गुर्जर ने अपने पिता को इस स्थिति में देखा। बेटे से यह दृश्य देखा नहीं गया और उसने खुद मन्नत को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
अर्जुन ने पिता को उठाया और भगवान से माफी मांगते हुए खुद “लोटन यात्रा” पूरी करने के लिए आगे बढ़ा। इस भावुक पल ने वहां मौजूद सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
💬 क्या बोले गोपाल गुर्जर
गोपाल गुर्जर ने कहा—
“मैंने यहां मन्नत मांगी थी, जो बहुत जल्दी पूरी हो गई। मेरा मन बहुत प्रसन्न है। मैं लौटते हुए धतुरिया पहुंचा, जहां मेरे बेटे ने मुझे संभाला और खुद मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया। भगवान सभी के दुख दूर करें।”
क्षेत्र में बना आस्था और भक्ति का माहौल
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना आस्था, पारिवारिक प्रेम और भगवान के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।
निष्कर्ष
तेजाजी धाम में हुई यह घटना न सिर्फ धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह परिवार और विश्वास मिलकर एक अनोखी मिसाल कायम कर सकते हैं।

