राबडिया में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हवन-पूजन, भंडारे के साथ हुआ विश्राम
चीताखेड़ा। अगर जीवन में जिंदगी को बदलना है तो पहले खुद को बदलो, अपने जीवन में जो लक्ष है उसकी ओर चले। ये दुनिया तुम्हें सताएगी,गुर्राएगी, डराएगी डटकर सामना करना है। राबडिया की नई आबादी में विगत दिनों 2 जनवरी से चल रही कथा मर्मज्ञ बाल व्यास अंशिका देवी श्रीधाम वृन्दावन की श्री राम कथा 10 जनवरी शनिवार को पूर्णाहुति हवन -पूजन और भंडारे के साथ हुई। अंतिम दिन हजारों ग्रामीण...... शहरी.... श्रमिक क्षेत्र का मजदूर ....यह सब नई आबादी में चल रही बालव्यास अंशिका देवी की कथा में यह सैलाब नहीं पहुंचा था। जैसे ही कथा पंडाल में हजारों श्रद्धालुओं का यह जनसैलाब पहुंचा तो सब एक रंग में हो गये। कथा स्थल ही नहीं आस-पास पूरा परिसर जन समूह से सरोबार हो गया। कथा के भवसागर में हजारों श्रद्धालुओं ने श्री राम सरिता में गोते लगाए। श्री राम कथा समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान गंगा प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक वातावरण में गुंज रहा था तो व्यासपीठ पर विराजित कथा मर्मज्ञ बाल व्यास अंशिका देवी के स्वर। व्यास पीठ से मिलता कथा अमृत पर सभी तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती तो कभी खामोशी छा जाती....... कभी करुणानिधि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जय- जयकार। श्रीराम कथा ज्ञान गंगा रस धारा प्रवाहित करते हुए कहा कि घर में बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान बनाना चाहिए। अगर संस्कार में कमी रही तो घर में कभी सुख-शांति नहीं बन सकती। नालायक संतान होगी तो कमाया हुआ है भी बर्बाद कर देगा। युद्ध विभिषिका किसी के हित में नहीं रहती है सभी को मिलजुलकर रहना चाहिए।जो हनुमान जी की तन्मयता से भक्ति करते हैं उसके जीवन में कभी भी संकट नहीं आ सकता है। श्री राम कथा का शुभारंभ मुख्य यजमानों द्वारा व्यासपीठ पर पोथी पूजन कर आरती की गई। श्री राम कथा समिति राबडिया द्वारा कथा मर्मज्ञ बाल व्यास अंशिका देवी को श्राल श्रीफल भेंट कर फूल-मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन रामनारायण पाटीदार ने किया। राबडिया की नई आबादी में विगत नौ दिनों से उड़ रहा था तो श्री राम जी की लीला की खुशी का रंग और बंट रहा था तो बालव्यास अंशिका देवी के मुखारविंद से अमृत प्रसाद जिसे पाकर विशाल जनसमूह धन्य हो गया। व्यासपीठ से कथा मर्मज्ञ ने कथा के अंतिम दिन शनिवार को श्री राम कथा ज्ञान गंगा प्रवचन के दौरान ……. हनुमान जी का लंका में प्रवेश, लंका दहन,मेघनाथ, कुंभकर्ण, अहिरावण, लंकाधिपति रावण का वध तथा कौशल्या नंदन भगवान श्री राम जी का अयोध्या आगमन के बाद राजतिलक का सारगर्भित दृष्टांत संक्षिप्त विवरण सुनाया, साथ ही नौ दिवसीय श्रीराम कथा की पूर्णाहुति हवन-यज्ञ पूजन,आरती के पश्चात् महाप्रसाद के रूप में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण की। कथा समापन पश्चात् बैण्ड बाजों और ढोल ढमाकों के साथ पौथी यात्रा कथा पंडाल से भव्य शोभायात्रा के रूप में मुख्य मार्गों से श्री चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचे। जहां सर्वधर्म समभाव महाप्रसाद के रूप में सामुहिक भंडारे का आयोजन हुआ।
इन्होंने की शिरकत
श्री राम कथा के अंतिम दिवस शनिवार को कथा पंडाल में क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार,मंडल अध्यक्ष किशोर दास बैरागी ने पहुंचकर कथा श्रवण कर व्यासपीठ पर पहुंचकर पोथी पूजन कर कथा मर्मज्ञ बालव्यास अंशिका देवी का स्वागत किया।

