मोबाइल फोन वापस लौटकर नगर पालिका के दिव्यांग कर्मचारियों ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
पूर्व में लौट आई थी सोने की चेन और नोटों से भरा पर्स
कलयुग कें इस दौर में जहा पर छोटी छोटी चीजो में इंसान की नियत बिगड जाती है वही ईमानदारी की मिसाल एक बार फिर नगर पालिका के दिव्यांग कर्मचारी शेरू खा पेश की। मंदसौर दशपुर नया सवेरा अखबार के संपादक नाहरु खां मेवाती के छोटे भाई शेरू खां मेवाती जो की ट्रेचीग ग्राउंड नगर पालिका मे कार्यरत है दिव्यांग कर्मचारी शेरू खां को अपने कार्य पर जाते समय जिला पंचायत मंदसौर के गेट के यहां से एक मोबाइल फोन मिला, पॉच मिनट रूक कर देखने पर वहा कोई दिखा नही तो मोबाईल अपने साथ लेकर चले गये जानकारी जुटाने के बाद पता चला की मोबाइल फोन कोई कॉलेज की प्रिंसिपल आरती रामावत जी का है नगर पालिका के दिव्यांग कर्मचारी शेरू खा ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए मोबाइल फोन कॉलेज के प्रिंसिपल आरती रामावत जी को वायडी नगर थाना पहुच कर वापस लौटा दिया । पूर्व में ट्रेचीग ग्राउंड पर अपना कार्य करते समय शेरू खा को एक सोने की चेन मिली थी इन्होंने मलिक का पता लगातार सोने की चेन भी वापस लौटा दी पूर्व में हाई सेकेंडरी स्कूल के पास से नोटों से भरा पर्स मिला था वे उसे लेकर सिटी कोतवाली पहुंचे और पुलिस के हवाले कर दिया जहां पर उसमें रखे डॉक्यूमेंट के आधार पर पता चला कि यह पर्स नारायणगढ निवासी का है उन्होंने सिटी कोतवाली में जाकर उसके मालिक का पता लगाकर उसको दे दिया।

