मेनका गांधी द्वारा जैन साधु-साध्वियों के पवित्र पिच्छिका के संबंध में दिए गए बयान पर कार्रवाई हेतु सकल जैन समाज ने सौंपा ज्ञापन
मंदसौर। सकल जैन समाज द्वारा मेनका गांधी द्वारा दिगम्बर जैन साधु-साध्वियों के पवित्र पिच्छिका के संबंध में दिए गए बयान पर कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज करने हेतु सकल जैन समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन की प्रतिनिधि अपर कलेक्टर एकता जायसवाल को एक ज्ञापन सौंपा।
सकल जैन समाज के संयोजक सुरेन्द्र लोढा ने बताया कि जैन समाज अहिंसा का पालन करने का समाज है और समाज के साधु संत तो अहिंसा के प्रचारक है वे तो ठंड, गर्मी, बारिश में भौतिक साधनों का उपयोग तक नहीं करते है ऐसे में दिगम्बर जैन साधु-साध्वियों के पवित्र पिच्छिका पर मेनका गांधी द्वारा दिया गया बयान अस्वीकार्य है और उनके बयान से पूरे समाज में रोष व्यापत है।
अध्यक्ष लोकेन्द्र कुमार जैन गोटावाला ने बताया कि हैं। मेनका गांधी द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि दिगम्बर जैन साधु-साध्वियों द्वारा उपयोग की जाने वाली पिच्छिका के कारण मोरों की हत्या की जाती है। यह कथन पूर्णत: निराधार, असत्य एवं जैन धर्म की परम्पराओं के विपरीत है। जैन धर्म अहिंसा, करुणा एवं जीव दया का सर्वोच्च संदेश देता है। जैन साधु-साध्वियाँ किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहते हैं तथा उनकी पिच्छिका प्राकृतिक रुप से मोर के गिरे हुए पंखों से बनाई जाती है। किसी भी जीव या पक्षी की हत्या कर पंख प्राप्त करना जैन सिद्धांतों के सर्वथा विरुद्ध है। श्रीमती मेनका गांधी के इस गैर-जिम्मेदाराना एवं तथ्यहीन व्यक्तव्य से करोड़ों जैन श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है तथा समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास हुआ है।
ज्ञापन के दौरान समाजजनोंं ने मांग की कि मेनका गांधी के विषयान्तर्गत बयान की जांच कराई जाए। उनसे जैन समाज से सार्वजनिक रुप से क्षमा याचना करने के लिए कहा जाए । भविष्य में किसी भी धर्म एवं धार्मिक परंपरा के संबंध में भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध उचित कार्यवाई सुनिश्चित की जाए । जैन समाज की धार्मिक भावनाओं एवं परम्पराओं के सम्मान की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाए।
ज्ञापन का वाचन सकल जैन समाज के अध्यक्ष लोकेन्द्र जैन ने किया। इस अवसर पर सकल जैन समाज के महामंत्री शेखर कासमा, अरविन्द मेहता, राजमल गर्ग, अनिल कियावत, मनीष सेठी, प्रताप कोठारी, अनिल जैन (नगरी वाला), प्रवक्ता विजेन्द्र फांफरिया, कमलेश कटारिया, श्रीमती विनाली मेहता, विजय सुराणा, अनिल जैन सांवरिया, मनोहर नाहटा , संदीप जैन सहित बडी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

