सेवा मुक पशु असहनीय पीड़ा से कहरा रहा था, दर्द को समझ गो रक्षकों ने संभाला मोर्चा

सेवा मुक पशु असहनीय पीड़ा से कहरा रहा था, दर्द को समझ गो रक्षकों ने संभाला मोर्चा

नीमच क्षेत्रीय खबरें

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सेवा मुक पशु असहनीय पीड़ा से कहरा रहा था, दर्द को समझ गो रक्षकों ने संभाला मोर्चा।

टुटे सींग की जगह से बह रहा था खून।

सरवानिया महाराज। एक सींग टुट जाने से खुन की धारा बह रही थी घाव दे रहा था असहनीय पीड़ा और दर्द से कराहते नंदी पर जब गो रक्षकों की नज़र पड़ी तो शुरू हुआ रेस्क्यू ।
प्राप्त जानकारी अनुसार सरवानिया में एक नंदी का आपस में लड़ाई के दौरान सींग टुट गया होगा, वह नंदी टुटे सींग के ही शहर में घुम रहा था ऐसी स्थिति में टुटे सींग के साथ घाव हो गया और खुन की धारा बह रही थी असहनीय पीड़ा से कराह रहे नंदी का स्थानीय गो रक्षा दल ने रेस्क्यू कर पकड़ा और फिर पशु चिकित्सक की सलाह से टुटे हुए सींग को शरीर से अलगकर उपचार किया।
नंदी के सर में सींग टुट जाने से बोर्न कोट सींग की हड्डी से अलग कर जटील प्रोसेस घाव को साफ किया डीच डस्ट मक्खी रोधी दवाई और एंटीसेप्टिक का प्रयोग कर पट्टी की गई।

नंदी का दर्द और गो रक्षकों का मोर्चा

घायल हुए नंदी की खबर पर गो रक्षा दल ने रेस्क्यू करने मोर्चा संभाला और बड़ी मशक्कत से गो रक्षकों की मदद से नंदी को पकड़ा और उपचार किया।
अक्सर शहर सहित आसपास क्षेत्र में गो वंश को होने वाली दुख तकलीफ़ में सुचना पर यंहा का गो रक्षा दल नंगें पांव दोड़ पड़ता है और पीड़ित गो वंश की सेवा में जी जान लगा देते हैं और यही हमारे गो रक्षकों की खुबसूरती है जिसकी लोग दिल से सराहना करते हैं।

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गो रक्षकों के प्रति रखें सहयोगात्मक रवैया

फील्ड चाहें जैसा हो पहले अपने ही अपनों को खरी खोटी सुनाने लग जाते हैं। सहयोग की बजाय आपसी मनमुटाव विरोध की राजनीति में बदल जाता है जो कि सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के हित में ठीक नहीं है। ऐसी बातों से नि-स्वार्थ अपना काम धंधा छोड़कर जो गो रक्षक तन-मन धन से पीड़ित पशुओं की सेवा करते हैं उनका मनोबल गिरता है। इस लिए समाज अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गो वंश की सेवा में लगे लोगों की मदद कर उनकी पीठ थपथपायें।

मुक पशुओं की सेवा करते हैं फिर भी कुछ लोग उठाते हैं एलिगेशन

गो रक्षा दल नीमच जिला महासचिव रूपलाल पाटीदार ने बताया कि हमारे गो रक्षक नि स्वार्थ भावना से अपना काम धंधा छोड़कर मुक पशुओं और पीड़ित गो वंश की सेवा करते हैं हरेक सुचना को माथे से लगाकर दोड़ पड़ते हैं सेवा के लिए फिर भी कुछ लोग ऐसे वेसे सवाल उठाते हैं। जिसके कारण मनोबल टुटता है।‌ बावजूद इसके हम लगातार पीड़ित गो वंश जीव जंतु की सेवा में लगे हुए हैं। आमजनों से अपील करते हैं हम सभी भी आपके बीच के ही हैं सहयोग करें और आपके पास समय और मन की कमी है तो गो रक्षकों पर उल्टे सीधे कमेंट नहीं करें। कानुन हाथ में लेकर हम कोई काम नहीं करते बल्कि कानुन की परीधी में रहकर कार्य करते हैं।

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