सरवानिया महाराज। शहर में पहली बार गो माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने सनातन संतों के सानिध्य में श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में संकल्प सभा का आयोजन हुआ।
गो माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए हमसभी को आने वाली 27 अप्रैल को तहसील मुख्यालय पर देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम तथा राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम विनती पत्र तहसील के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करना है, आठ सो सालों से देश आक्रांताओं के क़ब्ज़े में फिर दो सो सालों तक अंग्रेजी हुकूमत के गुलाम रहे लेकिन हमारी गो माता और गो वंश को आज तक सनातन सरकार में भी उचित सम्मान नहीं मिला यह बात संकल्प सभा में जावरा से पधारे संत श्री गो शरणानंद महाराज ने कही। श्री गो शरणानंद महाराज ने कहा कि हम सभी विनय पुर्वक अलग अलग चरणों में सरकारों को सामने गो माता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने विनती पत्र प्रेषित करेंगे। संत श्री ने कहा कि तिसरे विश्व युद्ध की आहट ने हम सभी को यह एहसास कराया कि पुनः गो वंश आधारित कृषि और जीवन जीने की तरफ ध्यान देना होगा और ऐसा होगा तो अपने आप गो वंश की महिमा और सम्मान दोनों बढ़ जायेगा। आधुनिक खेती और जीवन में फ्युल की उपयोगिता पर विश्व युद्ध की आहट के साथ संकट के बादल मंडरा रहे हैं ना गैस सिलेंडर ना पेट्रोल डीजल फिर किचन से लगाकर सड़क और खेती तक करने के लिए पुराने साधन संसाधनों पर ध्यान देना होगा। संत गो शरणानंद महाराज ने यंहा पर गो वंश को लेकर काम करने वाली गो भक्तो की टीम की पीठ थपथपाई और उनके काम की सराहना की।
इस दौरान अयोध्या से गो वंश के सम्मान में जागृति लाने पधारें संत चेतनदास महाराज ने भी गो सम्मान संकल्प सभा को संबोधित किया। सभा में नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह जैन, पत्रकार दिनेश वीरवाल, गोविंद पाल, अनिल राठौर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
संकल्प सभा की शुरुआत गो माता के गीत के साथ हुई, गीत का वाचन गरोठ निवासी मंदसौर नीमच प्रभारी ने शंकर सिंह चौहान किया । आभार गो भक्त रुपलाल पाटीदार ने व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में गो भक्त , युवा गो सेवक उपस्थित रहे।

शहर में पहली बार गो माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने सनातन संतों के सानिध्य में श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में संकल्प सभा का आयोजन हुआ।
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