सामाजिक बहिष्कार जैसे अमानवीय एवं गैरकानूनी कृत्य में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज हो-निडर संगठन
सामाजिक बहिष्कार से पीड़ित परिवार ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिया आवेदन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
मंदसौर। जिले की मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम झारडा मंे सामाजिक बहिष्कार एवं मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लोहार समाज के कुछ दबंगो से तंग आकर पीड़ित महिला कविता पति हरिओम लोहार ने अपने परिवार के साथ हो रहे अन्याय को लेकर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, मंदसौर को अलग अलग लिखित आवेदन प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई है।
पिड़ता नें आवेदन में बताया गया है कि उनकी पुत्री द्वारा लगभग 5 वर्ष पूर्व अपनी स्वेच्छा से पंसदीदा लड़के से विधिवत कोर्ट मैरिज किए जाने के बाद से ही समाज के कुछ व्यक्तियों द्वारा परिवार को लगातार बदनाम किया जा रहा है तथा सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपियों द्वारा समाज के अन्य लोगों को धमकाकर उन्ंहें किसी भी सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल न करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यहां तक कि जो लोग पीड़ित परिवार को अपने कार्यक्रमों में आमंत्रित करते हैं, उन्हें भी कथित रूप से दंडित एवं प्रताड़ित किया जाता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में इस मामले को लेकर थाना स्तर पर शिकायत की गई थी, जिस पर आरोपियों द्वारा भविष्य में ऐसी हरकत न करने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु इसके बावजूद लगातार वही कृत्य दोहराए जा रहे हैं।
महिला उत्थान के लिए कार्यरत सामाजिक संगठन निडर युवा सेवा संस्था ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार के समर्थन में आगे आकर प्रशासन से मांग की है कि सामाजिक बहिष्कार जैसे अमानवीय एवं गैरकानूनी कृत्य में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज हो, दंबगों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
संस्था का स्पष्ट कहना है कि किसी भी व्यक्ति या परिवार को इस प्रकार समाज से अलग-थलग करना न केवल मानव अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
निडर युवा सेवा संस्था ने प्रशासन से शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय पर न्याय नहीं मिला, तो संस्था लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

