सावधान! जीरन में मंडरा रहा है 'मौत का साया': पानी की टंकी पर मधुमक्खियों का डेरा, आंगनवाड़ी के मासूम निशाने पर

सावधान! जीरन में मंडरा रहा है ‘मौत का साया’: पानी की टंकी पर मधुमक्खियों का डेरा, आंगनवाड़ी के मासूम निशाने पर

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सावधान! जीरन में मंडरा रहा है ‘मौत का साया’: पानी की टंकी पर मधुमक्खियों का डेरा, आंगनवाड़ी के मासूम निशाने पर

जीरन (नीमच) | एक तरफ सरकार नौनिहालों के बेहतर भविष्य के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही मासूम बच्चों के जीवन पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। नगर परिषद कार्यालय के ठीक पीछे स्थित पानी की टंकी पर वर्तमान में लगभग 13 बड़े मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए हैं, जो किसी भी वक्त बड़ी जनहानि का कारण बन सकते हैं।

बुधवार को टला बड़ा हादसा, दहशत में बच्चे
बुधवार को वार्ड नं. 14 की आंगनवाड़ी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पास ही स्थित टंकी से मधुमक्खियों का एक झुंड अचानक नीचे उतर आया और खेल रहे बच्चों पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल दरवाजा बंद कर दिया, जिससे कई बच्चे शिकार होने से बच गए। हालांकि, कुछ बच्चों को मधुमक्खियों ने काट लिया है, जिससे क्षेत्र के अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।
हैरानी की बात यह है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद जीरन को पहले ही लिखित में आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक इन छत्तों को हटवाने की कार्यवाही नहीं की है।

मडावदा की घटना जैसी फिर कोई घटना की पुनरावृत्ति न हों

हाल ही में नीमच जिले के ही मडावदा गाँव (जावद) में आंगनवाड़ी पर हुए मधुमक्खियों के हमले में बच्चों को बचाते हुए कंचन बाई नामक महिला की जान जा चुकी है। जीरन की यह स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़ा करती है।

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अति-संवेदनशील क्षेत्र है घटना स्थल
जिस पानी की टंकी पर ये छत्ते मौजूद हैं, वहां से महज 100 मीटर के दायरे में नगर परिषद कार्यालय, पुलिस थाना, पशु चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और घनी आबादी वाला रहवासी क्षेत्र है। यहां दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है। रहवासियों और डरे हुए माता-पिता की मांग है कि शासन और जिला प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल छत्ते हटवाने के निर्देश दे। मधुमक्खियों का यह जमावड़ा किसी भी वक्त ‘मौत का छत्ता’ साबित हो सकता है।
इनका कहना-
मामले में आवेदन आया है, वास्तव में यह गंभीर समस्या है। इस संबंध में मधुमक्खियों के छत्ते उतारने वाले टीम की जानकारी निकाली जा रही है। जल्द ही पानी की टंकी से मधुमक्खी छत्ते उतारने की कार्यवाही की जाएंगी।
विकास डावर
सीएमओ नगर परिषद जीरन

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