चीताखेड़ा -20 सितंबर। लोकदेवता वीर तेजाजी जन्मोत्सव तेजा दशमी के पवन पावन अवसर पर घसुण्डी जागीर पहुंच मार्ग पर ग्राम भड़क सनावदा में भव्य एवं अलौकिक दो दिवसीय समारोह का आयोजन बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास व गरिमामय वातावरण के साथ मनाया गया। रविवार सुबह से ही गांव के वातावरण में शंखनाद, घंटी- घड़ियालों की स्वरलहरियों और भगवान वीर तेजाजी के जयकारों से अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा प्रवाहित हो रही थी।
भड़क सनावदा गांव की पावन धरा रविवार को अल सुबह से ही पूरी तरह से भक्ति के रंग में रंगीन नज़र आई। दो दिवसीय वीर तेजाजी जन्मोत्सव तेजा दशमी के अवसर पर प्रथम दिवस को मंदिर समिति और मुख्य पुजारी (भोपाजी) अंबालाल मीणा के सानिध्य में संपन्न हुआ। उनके सानिध्य और मार्गदर्शन में गांव के सभी वरिष्ठ देव -देवी भक्तों एवं आसपास के प्रमुख मंदिरों के पुजारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वीर तेजाजी मंदिर पर दो दिवसीय तेजा दशमी के अवसर पर आस्था परंपरा और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत समागम हवन पूजन एवं भंडारे के आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी के दिव्य दर्शन कर हाथ जोड़कर गांव परिवार मेंआपसी भाईचारा कायम रहे तथा खुशहाली और आरोग्य बनाए रखने की भावपूर्ण विनती की।
रविवार को प्रथम दिवस को प्रातः 10 बजे भड़क सनावदा में स्थित वीर तेजाजी मंदिर से तेजाजी जन्मोत्सव पर डीजे एवं ढोल धमाके के साथ भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा चीताखेड़ा गांव की मुख्य गलियों से गुजरते हुए निकले वहीं श्रद्धालुओं की भक्ति उमड़ पड़ी। पूरा अंचल एक परिवार की तरह इस उत्सव को मनाने के लिए सड़कों पर उतर आया। चीताखेड़ा गांव की गलियों में ग्रामीणों ने जगह-जगह फूल बरसा कर शोभायात्रा एवं अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। बुजुर्गों और माता ने देश की उन्नति व बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए विशेष मनोकामना की। कार्यक्रम के अंत में भोपाजी (पुजारी) अंबालाल मीणा और मंदिर समिति अध्यक्ष रामलाल राठौर ने प्रसादी का भोग लगाया इसके पश्चात सभी हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाया। आस्था परंपरा और सामाजिक सुहाग का यह अद्भुत समागम देर शाम तक जारी रहा। दूसरे दिन सोमवार को सुबह 9 बजे हवन पूजन किया जाएगा और वीर तेजाजी का दरबार लगेगा।
WhatsApp Group
Join Now
