वो जिहादी मानसिकता का बीजारोपण कर रहे पर हमारा संत समाज उनको कामयाब नहीं होने देगा बोले विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि कुछ धर्म अपने आप को अल्पसंख्यक बोलते हुए जिहादी मानसिकता का विचार का बीजारोपण कर रहे हैं, वह कहते थे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता लेकिन बीते दिनों भारत के पर्यटक स्थलों पर धर्म पूछ कर किए गए हमले ने साबित कर दिया कि जिहादी मानसिकता का एक विशेष धर्म होता है ।
विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला ने जानकारी देते हुए बताया कि विहिप के केंद्रीय मंत्री आलोक कुमार आज मंदसौर नीमच विभाग के दौरे पर मंदसौर में आयोजित अर्चक पुरोहित सम्मेलन में मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में शामिल हुए ।
विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संतगण, अर्चकगण, पुरोहितगण को कहा कि विहिप का कार्य पूज्य संतों से संपर्क, मठ मंदिरों में संपर्क का है, जबकि समाज को जागृत करना संतों का कार्य है। उनके मार्गदर्शन से हिंदू समाज जागृत होता है, धर्म संस्कृति एवं संस्कार के लिए संत हमें प्रेरित करते हैं। विहिप की स्थापना का उद्देश्य हिंदू धर्म, संस्कृति का जागरण है। सामाजिक समरसता के लिए संतों को आगे आना होगा। सकल हिंदू समाज एक है। इस राष्ट्र में उत्पन्न सभी मत, पंथ, संप्रदाय एक हैं। अनेक विचारों को मानने वाले हिंदू समाज के मत, पंथ, संप्रदाय का लक्ष्य एक है। सामाजिक समरसता का भाव हिंदू समाज में जागृत कर हम हिंदू समाज के विघटन के लिए किए जा रहे षड्यंत्रों का करारा जवाब देगे। धर्मातांतरण बड़ी चुनौती है। इसका जवाब एक जुटता से दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा- जिहादी मानसिकता केवल कानून और व्यवस्था का विषय नही है। इस्लाम का एक वर्ग जिहाद करना अपना मजहबी कर्तव्य मानता है और इसमे धोखा, लूट, अपहरण और नृशंस हत्याओं को स्वीकार करता है। लोकतंत्र और वैचारिक आजादी के इस युग में जिहाद की ऐसी मानसकिता को कोई स्थान नही है। विश्व में शांति बनाये रखने के लिए ऐसी जिहादी प्रवृति का वैचारिक, सामाजिक एवम कानूनी स्तर पर कठोर प्रतिरोध अनिवार्य है।
उन्होंने मंदिरों के सरकारी कुप्रबंधन और भगवान् की संपत्ति पर कथित सेक्युलर सरकारों द्वारा डाले जा रहे डाके का विवरण देते हुए मंदिरों को सरकारी अधिग्रहण से मुक्त कराने पर भी जोर दिया।
आलोक कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त कुछ समुदाय के लोग विशेष सुविधाओं व अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। जिहादी मानसिकता का बीजारोपण करने वाले मदरसों को पूर्ण रूप से सरकारी नियंत्रण में लाया जाए। देश के सभी अवैध मदरसों और मस्जिदों को बंद किया जाए। आलोक कुमार ने कहा कि ईसाई और मुस्लिम मतावलंबियों से धर्म के आधार पर भारत में कभी भेदभाव नहीं किया गया है, लेकिन कुछ धर्म के लोगों की जनसंख्या वृद्धि दर देश के अन्य समुदायों से अधिक है।
दुनिया की रिसर्च कहती है कि एक बच्चा अहंकारी हो जाता है। उसे किसी से मिलना-जुलना अच्छा नहीं लगता। इसलिए हमारा मानना है कि दो या तीन बच्चे ही घर में अच्छे होते हैं। हम उसके लिए प्रयत्न भी करेंगे, लोगों को समझाएंगे भी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या का असंतुलन केवल बच्चे पैदा करने के रेट्स में बढ़त की वजह से ही नहीं हो रहा है। वो धर्मांतरण और घुसपैठ के कारण भी हो रहा है।
अर्जक पुरोहित सम्मेलन के दौरान कई संतगण, पुजारी गणों ने भी अपने विचार व्यक्त किया इस दौरान मंच पर केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के साथ, पूज्य संत मिथिलेश जी नागर, प्रान्त संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव, प्रांत संत अर्चक पुरोहित दिलीप जैन, विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला, विभाग संत अर्चक पुरोहित सत्यनाराण राठौर मंचासीन थे।
आयोजन में पूरे विभाग से 650 संत अर्चक पुरोहित सम्मिलित हुए । उक्त कार्यक्रम के बाद सह भोज हुआ इसके बाद विभाग बैठक दो सत्रों में संपन्न हुई उक्त विभाग बैठक में तीनों जिलों से विभाग पदाधिकारी जिला कार्यकारी और प्रखंड के टोली के बंधु सम्मिलित हुए ।

