नवरात्रि का पावन पर्व: रक्तदान बन गया सच्ची आराधना का प्रतीक
शामगढ़-सुवासरा क्षेत्र के समीप रावतपुरा निवासी श्रीमती सपना बैरागी (पति श्री महेश बैरागी) एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई और उन्हें तत्काल बी-नेगेटिव रक्त की आवश्यकता पड़ी, जो उस समय उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
परिजनों की बढ़ती चिंता के बीच जैसे ही यह सूचना अधिवक्ता श्री सुभाष जैन तक पहुंची, उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए बिना एक पल गंवाए इंदिरा गांधी चिकित्सालय पहुंचकर रक्तदान किया। उनके इस निस्वार्थ कार्य से समय पर उपचार संभव हो सका और एक जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
विशेष बात यह है कि श्री सुभाष जैन पहले भी 11 बार रक्तदान कर चुके हैं और यह उनका 12वां रक्तदान है। उनका रक्त समूह भी बी-नेगेटिव है, जो दुर्लभ श्रेणी में आता है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर किया गया यह सेवा कार्य सच्चे अर्थों में देवी आराधना का जीवंत उदाहरण है। जहां एक ओर लोग पूजा-अर्चना में लीन हैं, वहीं श्री जैन ने मानव सेवा को ही सर्वोच्च धर्म मानते हुए समाज के सामने प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की है।

