सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने,लाइनमैन के दुर्व्यवहार व अन्य समस्याओं को लेकर चक्काजाम कर घेरा ग्रिड।
किसानों को सिंचाई के लिए दिन में दस घंटे बिजली दी जाए – सिसोदिया
गुर्जर बरडिया ।क्षेत्र में लंबे समय से विधुत वितरण कम्पनी की मनमानी व लोड शेडिंग के नाम पर बिजली की आंख मिचौली से त्रस्त एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव के कहे अनुसार सिंचाई के लिए दिन में बिजली नही दिए जाने के विरोध में गुरुवार को किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस सचिव कांग्रेस नेता परशुराम सिसोदिया, जिला पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर,धुँधड़का ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल विश्वकर्मा के साथ बड़ी संख्या में किसानों ने गुर्जर बर्डिया ग्रिड का घेराव कर कम्पनी के खिलाफ व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की,कोई सुनवाई नही होने पर आक्रोशित किसानों व कांग्रेसनेताओ ने मन्दसौर सीतामऊ रोड पर 30 मिनीट तक सांकेतिक चक्काजाम कर विरोध के दौरान जे ई विवेक मिश्रा से कांग्रेस जनों की तीखी बहस हुई उस के पश्चात मन्दसौर से डी ई दीपक जैन के आने पर किसानों के साथ चर्चा करने पर मामला शांत हुआ मामला उलझता देख अफजलपुर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह कनेश ने मय फोर्स के साथ मोर्चा संभाला प्रदेश के दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी लाइने लग गई।किसानों ने आरोप लगाया की लाइनमैन भी उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करता है इससे लोग काफी परेशान है इसे यहां से तत्काल हटाया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश हवाहवाई
कांग्रेसनेता एवं क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे परशुराम सिसौदिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश की किसानों को रात्रि में पानी फेरने की जरूरत नही हम किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली देगे लगता है यह आदेश हवाहवाई होकर रह गया है।उनके आदेश की धज्जियां उड़ रही है क्षेत्र में अधिकांश लाइनमैन किसानों की समस्याओं को सुनने को तैयार नही है यह भाजपा का सुशान है या कुशासन।सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार में चारो ओर अराजकता का माहौल निर्मित है कोई किसी की सुनने को तैयार नही भ्रष्टाचार चरम पर है।
इस मौके पर किशोर गोयल, मुकेश धाकड़, वेदप्रकाश शर्मा, आशाराम कुमावत, पुखराज जैन, गजराज सिंह पंवार,विक्रम नाथ, अंबालाल गुर्जर, गोपाल सिंह गुर्जर, दिनेश चौधरी,गौतमलाल,कचरू लाल कुमावत, किशोर सूर्यवंशी, रोहित जाट, श्यामलाल जाट, दिनेश टेलर, होकम सिंह तंवर, आदि सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

