नवीन कानूनों का उद्देश्‍य त्‍वरित न्‍याय एवं अनुसंधान में पारदर्शिता लाना है-श्री जैन 

नवीन कानूनों का उद्देश्‍य त्‍वरित न्‍याय एवं अनुसंधान में पारदर्शिता लाना है-श्री जैन 

नीमच

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नवीन कानूनों का उद्देश्‍य त्‍वरित न्‍याय एवं अनुसंधान में पारदर्शिता लाना है-श्री जैन 

नवीन कानून न्‍याय की अवधारणा पर आधारित है- कलेक्‍टर

नवीन कानून व्यवस्था एवं भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के संबंध में प्रशिक्षण सम्‍पन

नीमच – जिले में नवीन कानून व्यवस्था एवं भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के संबंध में जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर श्री दिनेश जैन की उपस्थिति में मंगलवार को राजस्व एवं जिला अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री जैन ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि, अपराधों की जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के उद्देश्य से तीन नवीन कानून लागू किये गये है। उन्होंने बताया कि, भारतीय दण्ड प्रक्रिया 1973 के स्थान पर दण्ड प्रक्रिया संबंधी विधिकों को समेकित और संशोधित करने के लिए संसद द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के रूप में एक नवीन कानून पारित किया गया है। प्रशिक्षण में नवीन कानूनों के तहत राजस्व अधिकारियों की भूमिका एवं समय-सीमा तथा कार्यवाही के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। नवीन कानून, त्‍वरित न्‍याय की अवधारणा पर आधारित है। 

     डी.पी.ओ.श्री चंद्रकांत नाफडे ने प्रशिक्षण में बताया, कि नवीन कानून का उद्देश्य पीड़ित केन्द्रित, त्वरित न्याय, आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति से अनुसंधान तथा अनुसंधान में पारदर्शिता लाना है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 में कुल 39 अध्याय, 531 धाराएं और दो अनुसूचियाँ है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) और आई.सी.जे.एस., संकलन एप्प, साक्ष्य एप्प, ई-विवेचना एप्प आदि के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि, नवीन कानूनों में ई-रिकॉर्ड का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत जीरो एफआईआर, ई-एफआइआर और चार्जशीट डिजिटल होंगे और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से शिकायत दायर करने पर नियत समय में दर्ज करने का प्रावधान है। नये कानून में डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक साक्ष्यों के महत्व को बढ़ाया गया है। हर कार्यवाही की समय-सीमा को निर्धारित किया गया है। अपराधों की विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट पेश की समय-सीमा का निर्धारण किया गया है। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर श्रीमती लक्ष्‍मी गामड़,  सभी डिप्टी कलेक्टर, पुलिस अधिकारी, सभी राजस्व अधिकारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे। 

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