मनरेगा केवल योजना नहीं, गरीब का अधिकार है-मीनाक्षी नटराजन
जावद विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा बचाओ चौपाल से केंद्र सरकार पर निशाना, पंचायत कांग्रेस कमेटी करेगी निगरानी
नीमच/जावद। ग्रामीण रोजगार और मनरेगा के भविष्य को लेकर जावद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को क्षेत्र के दौरे पर पहुंचीं पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने विभिन्न गांवों में आयोजित मनरेगा बचाओ चौपाल को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए काम के अधिकार की कानूनी गारंटी है, जिसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व सांसद सुश्री नटराजन ने अपने जावद विधानसभा क्षेत्र के दौरे की शुरुआत ग्राम रानपुर से की। यहां उन्होंने स्वर्गीय कंचन बाई मेघवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद वे क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित मनरेगा बचाओ चौपाल कार्यक्रमों में शामिल हुईं। दौरे के मुख्य चरण में सुश्री नटराजन ग्राम गुजरखेड़ी, आम्बा चडोल (जाट क्षेत्र) और कोज्या पहुंचीं, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, मनरेगा श्रमिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। चौपालों के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और मनरेगा के तहत काम मिलने, मजदूरी भुगतान में देरी, कार्य दिवसों में कटौती और बढ़ते नियमों को लेकर उनकी समस्याएं सुनीं। सुश्री नटराजन ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने कहा, मनरेगा कोई भीख नहीं, बल्कि गरीब का अधिकार है। जब गांव के हाथों को काम मिलेगा, तभी गांव मजबूत होगा और देश आगे बढ़ेगा। लेकिन वर्तमान सरकार बजट में कटौती कर और नियमों को जटिल बनाकर इस अधिकार को खत्म करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण को बढ़ावा देकर मजदूरों से रोजगार छीना जा रहा है, जिससे गांवों में बेरोजगारी बढ़ रही है और लोग मजबूरी में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। पूर्व सांसद यह भी कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी और मनरेगा को कमजोर नहीं होने देगी।
बजट में कटौती कर गांवों को उजाड़ने की तैयारी-
कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी चौपाल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां आम आदमी के खिलाफ हैं। बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली सरकार गांव के मजदूर की मेहनत की मजदूरी तक समय पर नहीं दे पा रही है। जानबूझकर मनरेगा का बजट घटाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण काम की तलाश में गांव छोड़ने को मजबूर हों। उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि मनरेगा की निगरानी और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी प्रत्येक पंचायत में मनरेगा कार्यों की निगरानी करेगी और मजदूरों की शिकायतों को सीधे जिला स्तर तक पहुंचाएगी। इस दौरान पूर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी समंदर पटेल, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहनसिंह (मन्नू बना ) ब्लॉक अध्यक्ष जीतू बना, शंभु चारण व हिदायतुल्ला खान विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी नेताओं ने ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। पूरे दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक, मनरेगा श्रमिक और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों ने एक स्वर में मनरेगा योजना को बचाने और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।

