मां काली की पूजा के साथ शुरू हुआ लुनाई चिरई का काम
भादवामाता । क्षेेत्र में अफीम निकालने का काम शुरू हो चुका है । गांव भादवामाता में किसान ने रविवार को अफीम के खेत में मां काली और देवताओं कि स्थापना कर पूजा अर्चना कर अफीम फसल की लूनाई चिराई का काम शुरू कर दिया है । किसान गीताबाई मालवीय ने बताया कि डोड़ो पर पहला चिरा लगाने से पूर्व मूर्तिया स्थापित कर मां काली की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है । पूजा के बाद पांच जोड़ों पर सिंदुर का टीका लगाकर कलेवा (रक्षा सुत्र) बांधकर विधि-विधान से पुजा कि जाती है । पुजा के बाद पांच डोड़ो में टांका (चिरा) लगाकर अफीम लुनाई चिराई का शुभारंभ किया जाता है । किसानों द्वारा अफीम फसल की सुरक्षा हेतु खेत एवं घरों पर विशेष निगरानी रखी जाती है । पक्षियों व मवेशियो से सुरक्षा के लिए खेत के चारों और लोहे के तार कि जाली व उपर नेट बांधकर सुरक्षा के भी बड़े इंतजाम कर रखे हैं । किसान परिवार से 1 न 1 व्यर्ति दिन-रात चौकीदारी भी कर रहे हैं । इस बार गावं में सरकार कि और से कुल 24 किसानो को अ्फीम के लाइसेंस मिले है । जिनमें 10 आरी 19 लुनाई चिराई के तो वही 5 आरी के 5 पट्टे सीपीएस के है । आसपास के कई गांवों में भी किसानों ने अफीम की पूजा अर्चना कर लूनाई चिराई का काम प्रारंभ कर दिया है ।

