मेन रोड पर वाहनों की आवाजाही से दिनरात उड़ते हैं धूल के गुबार
सिंगोली में पुराना टोल टैक्स से तिलस्वा चौराहे तकरोड पर उड़ने वाली धूल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। खासतौर से रहवासियों और दुकानादारों को रोजाना सुबह से लेकर रात तक इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। धूल के करण दो पहिया वाहन चालकों का ध्यान भी भंग होता है। दुर्घटना होने की स्थिति बनती है। यही नहीं सेहत पर भी उनका बुरा असर पड़ता है। आंखों में जलन, इन्फेक्शन जैसी आम समस्याएं होती ही हैं। ब्रोंकाइटिस होने का भी खतरा रहता है। हालांकि कई वाहन चालक इससे बचने के लिए हेलमेट लगाते हैं। मुंह पर कपड़ा बांधते, आंखों को चश्मा पहनकर बचाते हैं। मगर इससे समस्या का समाधान नहीं होता है। लोगों का कहना है कि कोलार में धूल की समस्या लंबे समय से है, मगर इसके समाधान के लिए कभी कोई स्थाई प्रयास नहीं हुए हैं। यही वजह है कि इससे लोगों को छ़ुटकारा नहीं मिल रहा है।
क्यों है समस्या
कोलार मेन रोड पर सर्वधर्म से लेकर बैरागढ़ चीचली के बीच कई स्थानों पर निर्माण सामग्री पड़ी रहती है। हवा चलने पर ये सड़क पर आती है और फिर वाहन चालकों पर उड़ती है। इसके अलावा सड़क पर भवनों के बीच जो फासला है, उस पर भी धूल जमा होती है। यही धूल हवा के साथ सड़क पर आकर समस्या खड़ी करती है। निगम के सफाई कर्मी सुबह सड़क पर झाड़ू लगाकर उसे साफ कर देते हैं, मगर कुछ देर बाद फिर से वहां धूल जमा हो जाती है।
सेहत के लिए नुकसानदायक
सड़कों पर उड़ने वाली धूल के कारण अस्थमा के मरीज और जिनको एलर्जी है वो तो सीधे तौर पर परेशान होते ही हैं, उनके साथ ही एक सामान्य व्यक्ति भी जो रोज-रोज धूल का सामना करने पर बीमार पड़ सकता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि धूल मिट्टी की वजह से आंखों में एलर्जी व इन्फेक्शन हो सकता है। ब्रोंकाइटिस या हमेशा सर्दी जुकाम की समस्या हो सकती है। धूल से त्वचा में खुजली होने का भी डर बना रहता है।
कान्हाकुंज रोड पर बस के निकलते वक्त उड़ती धूल
कोलार मेन रोड पर धूल के गुबार वाहन चालकों की मुसीबत का सबब बने हुए हैं। रोड पर धूल से लोग काफी परेशान होते हैं।
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