संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती संजीवनी सेवा संस्थान व राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ द्वारा मनाईं

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राजस्थान

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संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती संजीवनी सेवा संस्थान व राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ द्वारा मनाईं

प्रतापगढ़। संजीवनी सेवा संस्थान व राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ ने संयुक्त रूप से मनाई संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती। संत रविदास जयंती पर गुरु रविदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गुरु रविदास के मानववादी/साम्यवादी विचारधारा के जनक को नमन इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार पूर्व सेवानिवृत्ति केंद्रीय सहकारी चित्तौड़गढ़ बैंक बलराम शर्मा,मुर्तजा बोहरा, दिलीप सिंह देवड़ा संस्थान कार्य क्रम समन्वयक अमर सिंह व जिला सहायक अनुसुइया मीणा राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ के जिला अध्यक्ष तारूसिंह यादव समाज सेवी यूनुस मंसूरी आदि मौजूद रहे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ के जिला अध्यक्ष तारु सिंह ने संत सम्राट गुरु रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके दोहे सुनाते हुए बताया कि संत रविदास कहते हैं कि पराधीनता पाप है जानी लियो री मीत, रैदास पराधीन को कौन करे प्रित, रैदास जन्म के कारने होत न कोऊ नीच नर को नीच करि डारि है ओछे करम भी नीच. संस्था के अमरसिंह ने भी इस अवसर पर गुरु श्रेष्ठ संत का प्रचलित दोहा ऐसा चाहूंगा राज मैं जहां मिले सबन को अन्न छोटे-बड़े सब सम रहे रैदास रहे पसंद सुना कर कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने वर्ण व्यवस्था जो असमानता पर आधारित रहा उसके प्रति जागरण चेतना और समानता मूलक संस्कृति की स्थापना में अनवरत संघर्ष शील रहे। उपस्थित सभी महानुभावों ने भी अपने विचार रखते हुए संत सम्राट गुरु रविदास के बताए मार्ग का अनुसरण करने का प्रण लिया।

ब्यूरो चीफ अनिल जटिया

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