हमारे गांवों में मौजूद प्राचीन जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है – जिला समन्वयक श्रीमती बैरागी
लसुड़ावन ग्राम में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के द्वितीय चरण के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मंदसौर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड मंदसौर के धुंधडका सेक्टर अंतर्गत नवांकुर संस्था द्वारा ग्राम लसुड़ावन में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत तालाब गहरीकरण को लेकर श्रमदान तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्रीमती तृप्ति बैरागी एवं ब्लॉक समन्वयक श्रीमती अर्चना भट्ट मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। परामर्शदाता रूपदेव सिंह सिसोदिया ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसका द्वितीय चरण 28 मार्च से 4 जून तक संचालित होगा। इस दौरान जल स्रोतों की सफाई, तालाब एवं कुओं का गहरीकरण, दीवार लेखन के माध्यम से जनसंदेश, जल चौपाल, संगोष्ठियाँ, शपथ ग्रहण एवं जागरूकता रैलियां जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
जिला समन्वयक श्रीमती तृप्ति बैरागी ने अपने संबोधन में कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक योजना नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जनचेतना जगाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जल स्रोतों की साफ-सफाई के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए श्रमदान को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि हमारे गांवों में मौजूद प्राचीन जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि हम आज से ही जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो आने वाले समय में जल संकट गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए सभी ग्रामीण एकजुट होकर तालाबों, कुओं एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को जल की समस्या का सामना न करना पड़े।
ब्लॉक समन्वयक श्रीमती अर्चना भट्ट ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला जन आंदोलन है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जल स्रोतों की नियमित देखभाल, वर्षाजल संचयन को बढ़ावा तथा तालाबों के संरक्षण और गहरीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कार्यक्रम में पूर्व सरपंच ईश्वरलाल धनगर ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर परामर्शदाता रघुवीर सिंह राठौड़, रूपदेव सिंह सिसोदिया, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष मुकेश धनगर, सचिव विशाल धनगर पटेल भंवर लाल चौहान रामविलास गोयल जवाहरलाल धनगर राकेश पाटीदार अरविंद धनगर सोनू गोयल दशरथ धनगर सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण की शपथ ली, जिसे परामर्शदाता रघुवीर सिंह राठौड़ द्वारा दिलाई गई , और भविष्य में जल स्रोतों के संरक्षण हेतु सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शपथ एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

हमारे गांवों में मौजूद प्राचीन जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है – जिला समन्वयक श्रीमती बैरागी
WhatsApp Group
Join Now
