महाविद्यालय जीरन में प्राचार्य–सहकर्मी के साथ विवाद को लेकर एबीवीपी ने कॉलेज के गेट बंद कर किया धरना प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रभारी प्राचार्य को हटाने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
14 फरवरी को जांच टीम के महाविद्यालय पहुंचने के दिन ही प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. दीपा कुमावत और सहकर्मी डॉ. शिखा सोनी के बीच 11 माह के बच्चे को लेकर हुआ विवाद बढ़ते-बढ़ते थाने तक जा पहुंचा। घटना के विरोध में विद्यार्थियों ने गेट बंद कर प्रदर्शन किया।
जीरन- शासकीय महाविद्यालय जीरन में 14 फरवरी को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब जांच टीम की उपस्थिति में प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. दीपा कुमावत और सहकर्मी डॉ. शिखा सोनी के बीच 11 माह के बच्चे को लेकर तीखा विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला थाने तक पहुंच गया।
घटना से आक्रोशित विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में महाविद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। परिषद ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाने तथा नियमित प्राचार्य की शीघ्र नियुक्ति की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग उज्जैन व जिला अधिकारी नीमच के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार जीरन शत्रुघ्न चतुर्वेदी को सौंपा गया
परिषद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्रमबद्ध उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। घटना के बाद महाविद्यालय परिसर में दिनभर गहमागहमी बनी रही।

