प्रतापगढ़ जिला परिषद वार्ड पुनर्गठन पर उठा सवाल कलेक्टर अंजलि राजोरिया को सौंपा गया आपत्ति ज्ञापन

प्रतापगढ़ जिला परिषद वार्ड पुनर्गठन पर उठा सवाल कलेक्टर अंजलि राजोरिया को सौंपा गया आपत्ति ज्ञापन

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प्रतापगढ़ जिला परिषद वार्ड पुनर्गठन पर उठा सवाल कलेक्टर अंजलि राजोरिया को सौंपा गया आपत्ति ज्ञापन

प्रतापगढ़। जिले में जिला परिषद के वार्डों के पुनर्गठन, पुनः सीमांकन एवं नव सृजन को लेकर गंभीर आपत्तियाँ सामने आई हैं। सार्वजनिक सूचना क्रमांक जिकप/वार्ड पुनर्गठन/2025/1790 दिनांक 23 दिसंबर 2025 के तहत जारी प्रस्तावों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए नागरिकों व जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि प्रतापगढ़ जिले की आठ पंचायत समितियों — छोटी सादड़ी धमोतर सुहागपुरा दलोट अरनोद धरियावद प्रतापगढ़ एवं पीपलखूंट — की कुल जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 7,35,777 है। पूर्व में जिले में 17 जिला परिषद वार्ड थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 25 वार्ड कर दिया गया है। इस आधार पर औसतन एक वार्ड की जनसंख्या लगभग 29,751 होनी चाहिए थी जनसंख्या के आधार पर असमानता का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वार्डों के नव सृजन में जनसंख्या मानकों की अनदेखी की गई है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि पंचायत समिति प्रतापगढ़ की कुल जनसंख्या 1,08,318 होने के बावजूद यहां पांच वार्ड (18 से 22) गठित कर दिए गए जबकि वार्ड संख्या 21 की जनसंख्या मात्र 17,287 है, जो निर्धारित औसत से काफी कम है। वहीं दूसरी ओर धमोतर पंचायत समिति, जिसकी जनसंख्या 93,722 है, वहां केवल दो वार्ड बनाए गए हैं जबकि जनसंख्या व भौगोलिक दृष्टि से यहां कम से कम पांच वार्ड बनाए जाने चाहिए थे। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि धमोतर पंचायत समिति प्रतापगढ़ समिति की तुलना में भौगोलिक रूप से लगभग दोगुनी बड़ी है भौगोलिक और यातायात सुविधा की अनदेखी आपत्ति में कहा गया कि पुनः सीमांकन के दौरान वार्डों में शामिल ग्राम पंचायतें भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ी हुई नहीं हैं, जिससे उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार में और आम जनता को अपने प्रतिनिधियों से मिलने में भारी परेशानी होगी। वार्डों का गठन यातायात सुविधा और क्षेत्रीय संपर्क को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक है।
समान प्रतिनिधित्व की मांग
ज्ञापन में जोर देते हुए कहा गया कि जिले के सभी नागरिकों को समान न्याय और समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। वर्तमान प्रस्तावों से यह सिद्धांत प्रभावित हो रहा है। पुनः विचार की मांग ज्ञापन सौंपने वालों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जिला परिषद के सभी वार्डों का पुनर्गठन पुनः सीमांकन एवं नव सृजन जनसंख्या और भौगोलिक आधार पर समान रूप से किया जाए ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। धमोत्तर प्रधान प्रतिनिधि व सरि पीपली सरपंच गोपाल मीणा पंचायत समिति सदस्य अरुण कुमार पाटिदार नाजुराम जी देवीलाल जी बाबुलाल जी जटिया दिनेश कुमार शर्मा
नरेंद्र जोशी रमेश कुमार मीणा भेरुलाल मीणा आदि के नेतृत्व में आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया

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ब्यूरो चीफ अनिल जटिया

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