जिनशासन की छत्रछाया में सेवा के संकल्प से सजी शपथ विधि

जिनशासन की छत्रछाया में सेवा के संकल्प से सजी शपथ विधि

मंदसौर

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जिनशासन की छत्रछाया में सेवा के संकल्प से सजी शपथ विधि

 सकल जैन समाज महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित शपथ समारोह गरिमामयी रूप से संपन्न

मंदसौर। दिनांक 28/06/2025 को सकल जैन समाज महिला प्रकोष्ठ द्वारा एक भव्य एवं भावनात्मक शपथ विधि समारोह का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं जैन संस्कारों की भावना के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल संगठनात्मक रूपांतरण नहीं, बल्कि समाज सेवा, संयम और संस्कार के प्रति समर्पण का उद्घोष था।

 मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन – शुभारंभ का आध्यात्मिक प्रकाश

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण की दिव्य ध्वनि के साथ हुई, जिसके पश्चात मंच पर उपस्थित वरिष्ठजनों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। यह दीपक प्रतीक बना धर्म-ज्योति, ज्ञान और सेवा के आलोक का, जिसने पूरे समारोह को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित किया। मंगलाचरण की प्रस्तुति किरण रावका,पायल कोठारी व सपना नाहर द्वारा दी गई।

 गौरवपूर्ण मंचासिन और स्वागत

दीप प्रज्वलन उपरांत मुख्य अतिथि विधायक विपिन जी जैन,शपथ अधिकारी व सकल जैन समाज के संयोजक सुरेंद्र जी लोढ़ा, अथिति गण सकल जैन समाज के अध्यक्ष जय कुमार जी बड़जात्या, वरिष्ट समाज सेविका श्रीमती संतोष जी विजेंद्र सेठी ,महिला प्रकोष्ठ महामंत्री सारिका बाकलीवाल,मंत्री निधि गोधा,मंत्री पुष्पा रांका,मंत्री रतना डोसी, शिक्षा मंत्री   स्मिता कोठारी,वरिष्ट समाज सेवी शांतिलाल जी बड़जात्या आदि अतिथियों को ससम्मान मंच पर आमंत्रित कर मंचासिन कराया गया। साथ ही, सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत प्रतीक चिन्ह के माध्यम से किया गया।      

                     
 “जहाँ अतिथि का स्वागत होता है, वहाँ धर्म पुष्पित होता है।
 नन्हीं बालिकाओं का स्वागत नृत्य – श्रद्धा की थिरकन

मंचासीन अतिथियों के स्वागत में नन्हीं बालिकाओं लब्धि डूंगरवाल, कृति कोठारी,रिद्धि कड़ावत द्वारा प्रस्तुत भावनात्मक स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। उनके नृत्य में जैन संस्कृति, भक्ति और समर्पण का जीवंत स्वरूप स्पष्ट झलकता था। “नृत्य नहीं था केवल कला, वह एक भक्ति से भरा समर्पण था।

सेवा कार्यों का संक्षिप्त विवरण    

शपथ विधी के विशेष अवसर पर मंच से महिला प्रकोष्ठ विगत तीन माह मै किया गए सेवा कार्यों की संक्षिप्त जानकारी मंत्री श्रीमती निधि गोधा द्वारा दी गई।    
         
 शपथ विधि – धर्म, दायित्व और समर्पण का संकल्प

महिला प्रकोष्ठ की नवगठित कार्यकारिणी — महामंत्री सारिका बाकलीवाल ,मंत्रीगण निधि गोधा,पुष्पा रांका, रचना डोसी, शिक्षा मंत्री स्मिता कोठारी, कोषाध्यक्ष नीलू गांधी, प्रवक्ता अनिता धींग एवं सह मंत्रीगण ने  मंच पर उपस्थित शपथ अधिकारी माननीय सुरेंद्र जी लोढ़ा के नेतृत्व में संगठन, समाज और जिनशासन की सेवा के लिए संयम, समर्पण और निष्ठा के साथ शपथ ग्रहण की।

 “यह शपथ नहीं, आत्मा की पुकार थी — सेवा के धर्ममार्ग पर चलने की प्रतिज्ञा ।

वक्तव्य – प्रेरणा और उत्साह की अनुभूति

महामंत्री सारिका बाकलीवाल ने अपने उद्बोधन में कहा सेवा ही सच्चा धर्म है ,और महिला प्रकोष्ठ इस मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए निरंतर समाज सेवा के कार्यों मै अग्रसर है। ऐसे संगठन से जुड़कर मुझे गर्व की अनुभूति होती है।सकल जैन समाज के अध्यक्ष जय कुमार बड़जात्या  और मुख्य अतिथि विधायक विपिन जैन ने अपने उद्घोषण भाषण में महिला प्रकोष्ठ द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की,और कहा कि आगे भी इसी तरह के सेवा कार्य करते रहे  और जैन समाज को नई ऊंचाईयों पर पहुंचा ते रहे और साथ ही कहा कि जैन समाज के प्रतिभावान बालक बालिकाओं को भी सम्मानित किया जाएगा , प्रतिभा सम्मान बैनर का विमोचन कार्यक्रम को दौरान किया गया। साथ ही जैन समाज के वरिष्ठजनों, अतिथियों और मार्गदर्शकों ने अपने विचारों द्वारा नवचयनित महिला टीम को आशीर्वचन देते हुए नारीशक्ति, सेवा भावना एवं धर्मनिष्ठा को सामाजिक विकास का आधार बताया।

 संचालन – सुव्यवस्थित, सरस और भावनात्मक

पूरे समारोह का संचालन अत्यंत कुशलता, गरिमा और भावनात्मकता के साथ पूर्व महामंत्री रश्मि संगई, प्रवक्ता अनिता धींग एवं सह मंत्री नीता चपरोत  द्वारा किया गया। इनकी संयोजकता एवं भाषाशैली ने आयोजन को सुरुचिपूर्ण एवं सरस स्वरूप प्रदान किया।
               
 ” जब शब्दों में अनुशासन और भाव में भक्ति हो, तो संचालन भी साधना बन जाता है ।”

 विशेष सहभागिता और उत्सवपूर्ण उपस्थिति

सकल जैन समाज व महिला प्रकोष्ठ के सभी वरिष्ठ पूर्व महामंत्री,पूर्व अध्यक्ष,पूर्व मंत्रीगण,पूर्व सह मंत्रीगण, युवा शक्ति और समर्पित सदस्यों की उपस्थिति ने इस आयोजन को सामूहिक सौहार्द, सहयोग और श्रद्धा का सजीव उदाहरण बना दिया।

 समापन – आभार, आत्मीयता और मंगलपाठ के साथ

कार्यक्रम का समापन मंगलपाठ एवं आभार ज्ञापन के साथ अत्यंत भावभीने वातावरण में हुआ। महिला प्रकोष्ठ की ओर से उन सभी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया गया, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया — प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से।आभार श्रीमती रत्ना डोसी द्वारा दिया गया।यह समस्त जानकारी महिला प्रकोष्ठ प्रवक्ता श्रीमती अनिता धींग द्वारा दी गई।      
                 
 “कार्यक्रम तो समाप्त हुआ, पर सेवा का संकल्प आज से प्रारंभ हुआ ।”

 एक नई शुरुआत – संयम, सेवा और संस्कार के संगम से “नारी जब धर्ममार्ग पर चलती है,
तो समाज में संस्कार स्वयं खिलते हैं।”

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