विदेशी अतिथि हेरिटेज श्री कृष्णा पैलेस अठाना को देख अभिभूत, खादी बुनाई कला भी देखी

विदेशी अतिथि हेरिटेज श्री कृष्णा पैलेस अठाना को देख अभिभूत, खादी बुनाई कला भी देखी

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विदेशी अतिथि हेरिटेज श्री कृष्णा पैलेस अठाना को देख अभिभूत, खादी बुनाई कला भी देखी

अठाना । नगर में कल ग्यारह बजे विदेशी मेहमानों की टीम पैदल नगर भ्रमण करते हुए देखी गई । इंग्लैंड की एजेंसी वाइल्ड फ्रंटियर नामक संस्था के 12 सदस्यों के दल ने नगर भ्रमण किया। इस दौरान मोमीनपुरा वार्ड में हथकरघा द्वारा खादी के वस्त्र बनाये जा रहें थे। वहां पहुंच कर विदेशी मेहमानों ने अवलोकन किया । वस्त्र कैसे बनाए जा रहे, इस कला को देखा और सराहना की । बुनकर नियामत हुसेन मोमीन द्वारा उन्हें बताया गया की सर्दी के दिनों में यह खादी वस्त्र गर्म रहता है और गर्मी के दिनों में ठंडा ‌। गाइड तेजेंद्र सिंह जाड़ावत ने उन्हें इंग्लिश में खादी का महत्व बताया ।

इस ग्रुप ने पैदल-पैदल नगर में भ्रमण करके गाड़ी लुहार द्वारा कृषि उपकरणों को धार देने की कला भी देखी । सभी विदेशी मेहमानों में कुल 12 सदस्यों में चार अमेरिका से,सात ब्रिटेन इंग्लैंड से थे । सुजेन, माइक, ब्रायन, अलीशा, एलिजाबेथ आदि सभी नगर के मध्य स्थित प्राचीन हेरिटेज श्री कृष्णा पैलेस पहुंचे । जहां रावले रावत जितेन्द्र सिंह जी चूंडावत एवं पूर्व सरपंच श्रीमती मनोहर कुंवर चूंडावत रानी साहिबा द्वारा सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया । श्री कृष्णा पैलेस देखकर सभी विदेशी हर्ष विभोर होकर अपने-अपने केमरों में प्राचीन कला को कैमरों में शूट करने लगे । श्री कृष्णा पेलेस का परिचय रावले रावत जितेन्द्र सिंह चूंडावत द्वारा दिया गया । इसके पश्चात सभी विदेशी मेहमान तारापुर उमेदपुरा रंगाई छपाई कला का अवलोकन करने हेतु प्रस्थान कर गए।

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रात्रि विश्राम झूंणकुंवर जी महाराज के समीप पानगढ़ तालाब जहां पर्यटकों के लिए कॉटेज होटल बने हुए हैं, वहां ठहरने के बाद आगे बूंदी, हांडा राणी झालावाड़, महाकाल उज्जैन होते हुए महेश्वर में नर्मदा मैया के किनारे होली का उत्सव मनाएंगे । यह टीम उदयपुर विजयपुर से अठाना पहुंची । यात्रा के उद्देश्य पर चर्चा में बताया गया है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्राचीन काल से चली आ रही हस्तकला बुनाई, रंगाई, छपाई बारे में जानकारी लेना एवं धार्मिक प्राचीन स्थलों गढ़ और किलो का अवलोकन कर जानकारी लेना थी।

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