वर्षाकाल में पिकनिक स्‍थलों और दुर्घटना सम्‍भावित स्‍थानों पर 

वर्षाकाल में पिकनिक स्‍थलों और दुर्घटना सम्‍भावित स्‍थानों पर 

नीमच

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वर्षाकाल में पिकनिक स्‍थलों और दुर्घटना सम्‍भावित स्‍थानों पर 

जन सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम सुनिश्चित करें- श्री चंद्रा

आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ राहत संबंधी बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

नीमच – वर्षाकाल में बाढ़ एवं अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं से निपटने और जन सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपायों के संबंध में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी के संबंध में शासन से प्राप्त निर्देशों पर बिंदुवार विचार विमर्श कर, बाढ़ प्रभावित होने वाले ग्रामों ओर वहां की जाने व्‍यवस्‍थाओं की तैयारियो की समीक्षा की गई। बैठक में एस.पी.श्री अंकित जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, एडीएम श्रीमती लक्ष्‍मी गामड़, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिह सिसोदिया, संयुक्‍त कलेक्‍टर श्री राजेश शाह, डॉ.ममता खेड़े, सभी एसडीएम, एसडीओपी, सभी सीएमओ एवं जनपद सीईओ व जिला अधिकारी उपस्थित थे। 

पुल,रपटों की स्थिति एवं मरम्मतः-बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले की पुरानी क्षतिग्रस्त पुलियाओं को चिन्हित कर,  क्षतिग्रस्त पुलिया, रेलिंग की मरम्मत कराये। ऐसे पुल पुलिया जो बाढ़ एवं अतिवृष्टि में डूब जाते हैं, उन पर निगाह रखी जावे। सभी पुलो एवं रपटों पर रेलिंग पिलर आदि ठीक हालत में लगे हो, जहां आवश्यक हो मरम्मत भी कराये। पुल, रपटों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाएं। 

           बैठक में बताया गया, कि जलमग्न सड़कों पर से वाहन चालक अपनी जोखिम पर वाहन ले जाने का प्रयास करते हैं। पुलों पर बाढ़ का पानी बढ़ने पर यातायात को नियंत्रित एवं चिन्हित कर चेतावनी बोर्ड लगाया जाए तथा पुल, पुलिया पर बैरिकेट्स लगाए। अतिवृष्टि होने से पुल पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति होने पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी व होमगार्ड की ड्यूटी लगाएं। पुल पुलिया पर चिन्हित खतरे वाली स्थिति में कोई वाहन पार न हो। उल्‍लघंन करने पर दोषी वाहन चालकों के विरूद्ध कार्यवाही की जावे। मार्ग में यदि कोई वाहन क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसे निकालने हेतु जहां तक संभव हो क्रेन की तत्काल व्यवस्था की जाए।

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बाढ़ प्रभावित गांवों में पेयजल व्यवस्थाः-कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गांधी सागर बांध एवं अन्य संभावित डूब प्रभावित गांवों में बंद पड़े हैंडपंपों का निरीक्षण कर एक सप्ताह में अनिवार्य रुप से चालू कराये, और जिन क्षेत्रों में पेयजल स्त्रोत बाढ़ के पानी से घिर जाएं। ऐसे क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वैकल्पिक स्त्रोंतों को चिन्हांकित कर लिया जावे। बाढ़ एवं वर्षा का पानी भर जाने से बीमारियों का प्रकोप होने की संभावना रहती है। ऐसे क्षेत्रों के कुओं आदि में ब्लीचिंग पाउडर क्लोरीन डलवाने की व्यवस्था की जावे।

संपर्क विहीन ग्रामों की पंचायतों में आवश्‍यक, पर्याप्‍त खाद्य सामग्री प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाना सुनिश्चित करें। वर्षाकाल में स्‍कूलों, छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।                              

मोटरबोट एवं नावों की व्यवस्थाः-कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि जल संसाधन विभाग व मत्स्य पालन विभाग के पास  उपलब्ध मोटरबोट का परीक्षण कर चालू स्थिति में रखा जावे। आवश्यकता होने पर मत्स्य महासंघ रामपुरा के मोटरबोट एवं नावों को उपयोग में लिया जावे। बाढ़ नियंत्रण हेतु उपलब्ध शासकीय अर्द्धशासकीय एवं निजी स्त्रोंतों से उपलब्ध होने वाली समस्त बाढ़ बचाव सामग्री की सूची तैयार की जावें, किसके आधिपत्य में हैं उनसे संपर्क हेतु नाम पता दूरभाष क्रमांक आदि की जानकारी रखे और आपस में संवाद कर जानकारी का सत्‍यापन कर लें।                                           

बचाव सामग्री की व्यवस्थाः-बैठक में निर्देश दिए गए, कि बाढ़ से बचाव एवं राहत सामग्री तथा लालटेन, खाली ड्रम, रस्सियां, बांस, बल्ली, टांर्च, ट्यूब, केरोसीन एवं अन्य राहत सामग्री की अग्रिम व्यवस्था प्रत्येक नियंत्रण कक्ष पर की जावे। सभी अनुविभागीय अधिकारी इसकी समीक्षा कर पता लगाएं, कि उपलब्ध सामग्री पर्याप्त है या नहीं आवश्यकता होने पर सामग्री की मांग की जावे ।           

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पहुंच विहीन ग्रामों में खाद्य सामग्री आदि की व्यवस्था:-वर्षाकाल में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से जिले के ऐसे ग्राम जिनका वर्षाकाल में मुख्यालय के पहुंच मार्ग से सड़क संपर्क टूट जाता है, उन्हें चिन्हित कर, ऐसे गांवों में आवश्यक खाद्य सामग्री, मिट्टी का तेल, दवाइयां आदि की पर्याप्त व्यवस्था अविलंब वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व की जाए। माह जून एवं जुलाई का राशन कोटा अग्रिम देने की व्यवस्था की जाए।

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