आंवरी माता जी के प्रति दिनों दिन बढ़ती जा रही आस्था
मंदिर ट्रस्ट द्वारा करवाए जा रहे कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य
चीताखेड़ा। मालवा अंचल का विख्यात आद्यशक्ति और शक्ति का अनुपम तीर्थ धाम (माताकाखेड़ा) चीताखेड़ा स्थित आरोग्य देवी महामाया आवरी माताजी के चमत्कार की ख्याति राजस्थान , गुजरात और मध्य प्रदेश राज्यों के कई जिलों की लाखों श्रद्धालुओं के दिलों में रची-बसी हुई है। आरोग्य देवी जगदंबा आवरी माताजी के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से नवरात्र में आरोग्य देवी महामाया आवरी माताजी का ही एक ऐसा प्रताप होता है कि पारिवारिक कलह,राग – द्वेष आदि से मुक्ति मिलती है।
मां जगदंबा के सामने श्रद्धालु ने सिर्फ लकवा ग्रस्त, गूंगे-बहरे व असाध्य रोगों से पीड़ित तथा कृषि कार्यों में एवं शादी ब्याह हेतु पाती में सफलता की अर्जियां लगते हैं बल्कि अन्य मानव जीवन में दुःख एवं सामाजिक, पारिवारिक कार्यों की कामयाबी की कामना भी करते हैं। इसका अंदाजा आरोग्य देवी के दरबार में दान पत्र से निकलने वाली लिखित अर्जियों से भी लगाया जा सकता है। यहां गरीब -अमीर सहित हर वर्ग के लोग आते हैं, मान्यता है कि यहां बिना किसी भेदभाव के लोगों के संकट दूर करने की मां क्षमता रखती हैं।
यात्रा प्रारंभ एवं पूर्ण- आरोग्य देवी की मालवा एवं राजस्थान के कई जिलों में अनूठी पहचान बनती जा रही है। चारों धाम की एवं सामान्य तीर्थ यात्रा करने वाले श्रद्धालु आरोग्य देवी के दर्शनों के बाद ही प्रारंभ करते हैं तथा तीर्थ यात्रा पूर्ण करने के पश्चात मां का धन्यवाद करने के बाद ही मां के दरबार से ही पुनः अपने पैत्रिक गांव पहुंचते हैं।
व्यावसायिक भागीदारी- आरोग्य देवी आंवरी माता के दानपात्र में चढ़ावे की राशि में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का कारण श्रद्धालुओं द्वारा असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाने का चमत्कार एवं व्यवसाय में भागीदार बनाए जाने की मान्यता है। इस हिस्से की दानराशि के रूप में भंडार में पहुंचती है।
कई तरह के निर्माण कार्य कर रही समिति- यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु धर्मशाला, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में दानपात्र (भंडार) से प्राप्त दानराशि से निर्माण कार्य किया जा रहा है।वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं के लिए 35 लाख रुपए की लागत से 4 हजार वर्ग फीट में 6 कमरे बाथरूम और शौचालय सहित बड़ा हाल (बरांडा) का निर्माण कार्य एवं सांसद सुधीर गुप्ता द्वारा स्वीकृत 40 लाख रुपए की लागत से कम्युनिटी हॉल (डोम टीन शेड) निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं विधायक दिलीप सिंह परिहार द्वारा विधायक निधि से आवरी माताजी मंदिर परिसर में पर्याप्त एवं वाल्टेज की समस्या को देखते हुए ट्रांसफार्मर स्वीकृत किया।विभिन्न निर्माण कार्यों को संपादित करने एवं सुविधाओं के लिए आंवरी माता मंदिर ट्रस्ट का गठन किया हुआ है। इस मंदिर में प्रतिदिन ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
साल में एक बार लगता है मेला-आंवरी माता जी के अलौकिक दरबार में वर्ष में एक बार चैत्र नवरात्र पर्व पर मेला समिति द्वारा नौ दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें सांस्कृतिक,भजन संध्या, कवि सम्मेलन रंगमंच पर जैसे कई धार्मिक आयोजन कार्यक्रम होते हैं। मेले में मेलार्थियों के मनोरंजन हेतु झूले,चकरी, मिक्की माउस, ड्रेगन डांस,नाव सहित कई यंत्र तथा खाने-पीने के पावभाजी, मसाला फ्राइड, कचोरी, पानी पूरी सहित कई चटपटे और महिलाओं के लिए मनिहारी श्रृंगार की बड़ी संख्या में दुकानें लगती है।
महाष्टमी को होता है हवन और भंडारा- हवन पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन महाष्टमी पर विगत 20 सालों से हीरालाल लालचंद (सिंहल) अग्रवाल परिवार नीमच (चीताखेड़ा) वाले व मंदिर समिति द्वारा विशाल भंडारा करवाया जाता है जिसमें 19 से 20 हजार श्रद्धालु भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण करते हैं। तथा वहीं गोपाल सिंहल,सिंहल पल्सेस नीमच के सहयोग से महाष्टमी पर हवन और महाप्रसाद का आयोजन भी करवा जाता है।

