कड़कड़ाती ठण्ड में मंदिर परिसर में सो रहे हैं श्रद्धालु अलाव की कोई व्यवस्था नहीं।
भादवामाता । मौसम में बदलाव के चलते इन दोनों ठंड का असर तेज है । गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है । वही बीमार और बूजुर्ग लोग रात को घरो से निकलने में असहज महसूस कर रहे हैं ऐसे में जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर स्थित मालवा की वैष्णो देवी महामाया भादवामाता के दरबार में श्रद्धालुओं की हालत मंदिर प्रबंधक कि लापरवाही से खराब हो रही है । प्रतिदिन यहां 3 सौ से अधिक लकवा सहित अन्य रोगों से पीड़ित व परिजन मंदिर परिसर, विश्रांति भवन और निर्माणाधिन पाथवें पर ठहरे हुए हैं । मंदिर समिति कि और से उनके लिए कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है ।इससे श्रद्धालुओं को हाड़ कंप कंपादेने वाली ठण्ड में परेशान होना पड़ रहां है । माता के दरबार में रोजाना 2 हजार से ज्यादा भक्त दर्शन को आते हैं इसके अतिरिक्त रविवार को तो श्रद्धालुओं की संख्या वहां से 8 से 10 हजार तक पहुंच जाती हैं । शनिवार रविवार की रात में 2 से 3 हजार श्रद्धालु रात्रि विश्राम करते हैं परंतु मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए अलाव की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ रहा है । भानगढ़ जिला धार निवासी केवलराम कुमावत व मोतीपुरा निवासी गौरीलाल बंजारा ने बताया है कि ठंड से परेशान हो रहे हैं लकवा की बीमारी होने से सवा महीने का संकल्प लेकर यहां रुका हुआ हूं 15 दिन से अधिक समय हो गया है आई अलाव की व्यवस्था ने होने से अधिक रुपए देकर बिस्तर भी खरीदना पड़ रहे हैं और परेशानी आ रही है जावरा निवासी जसवंतसिंह अपनी पत्नि को लेकर 4 दिन से अधिक समय से रह रहे है उन्होंने बताया कि अलाव की व्यवस्था नही होने से सुबह-शाम आरती के समय ज्यादा दिक्कत आती है । वैसे तो यहां न्यूनतम शुल्क में मंदिर समिति की ओर से श्रद्धा भवन सहित अन्य को समाजों की धर्मशालाएं है । परंतु श्रद्धालु अपनी आस्थानुसार मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम करना पसंद करते हैं इसलिए मंदिर प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए अलाव की व्यवस्था करना चाहिए ।
मंदिर परिसर में चार जगह अलाव कि व्यवस्था कर रखी है और कहीं जरूरत होगी तो वहां भी कल से व्यवस्था करवाएंगे ।
अजय ऐरन
प्रबंधक भादवामाता मंदिर

