प्रकृति से जुड़कर प्राकृतिक तरीके से कर रहे हैं निर्माण कार्य

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मंदसौर

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प्रकृति से जुड़कर प्राकृतिक तरीके से कर रहे हैं निर्माण कार्य

मंदसौर जिले के ग्राम धमनार के प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश धाकड़ ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने अपने ही घर पर कच्ची घानी से तेल निर्माण एवं फसलों की ग्रेडिंग यूनिट स्थापित की है।

ओमप्रकाश धाकड़ ने दसवीं तक की शिक्षा प्राप्त कर अपने दम पर स्वयं का रोजगार प्रारंभ किया। आज वे न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि पांच अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। उनके उद्योग से वर्तमान में प्रतिदिन 2000 से 3000 रुपये तक की आय हो रही है।

उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत उन्हें उद्योग स्थापना के लिए 30 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ, जिसमें से 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने विभिन्न मशीनें स्थापित कीं —कच्ची घानी मशीनें: सरसों, मूंगफली, तिल आदि से तेल निर्माण हेतु।

ग्रेडिंग मशीनें: सोयाबीन, मक्का, चना, गेहूं सहित विभिन्न फसलों की ग्रेडिंग हेतु।

ग्रेडिंग के लिए किसान जब अपनी फसल लेकर आते हैं, तो प्रति क्विंटल 70 से 80 रुपए शुल्क लिया जाता है। इसके साथ ही ओमप्रकाश धाकड़ के पास आटा चक्की, पशु आहार निर्माण एवं पैकिंग मशीन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

उनके उद्योग से तैयार तेल, पशु आहार एवं अन्य उत्पादों का विक्रय एफपीओ के माध्यम से किया जाएगा, जिससे उन्हें अधिक लाभ एवं बाजार में व्यापक पहचान प्राप्त होगी। 

यह उदाहरण दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्र का युवा भी रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फोटो संलग्न 

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