मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा
प्लास्टिक की पानी की बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित करने के दिए निर्देश
नीमच – मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निर्देश दिए कि शासकीय कार्यक्रमों एवं कार्यालयों में प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित किया जाए तथा पारंपरिक जल संग्रहण के साधन ‘मटके’ को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है। बैठक में आगामी “जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी कलेक्टरों को सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस योजना में खेत, तालाब, कूप रिचार्ज, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे जल संरक्षण के कार्यों को व्यापक स्तर पर शामिल करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने “संकल्प से समाधान” कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि इसकी दैनिक आधार पर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल भी उपस्थित थे। इस दौरान “जल संचय–जन भागीदारी” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ.यादव एवं केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल द्वारा की गई। बैठक में बताया गया कि जल संरक्षण कार्यों में म.प्र.में अच्छा कार्य हुआ है।
नीमच के एन.आई.सी.कक्ष में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, शहरी विकास परियोजना अधिकारी श्री पराग जैन, जिला अधिकारी, सभी सीएमओ भी उपस्थित थे।

