प्रतापगढ़ में फर्जी पट्टों का मामला: पूर्व सभापति ने नाम-हस्ताक्षर के दुरुपयोग का लगाया आरोप, 40 से अधिक पट्टों पर कार्रवाई
प्रतापगढ़ नगर परिषद में कथित अनियमितताओं और अवैध पट्टा जारी करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जांच के बीच पूर्व सभापति कौशल्या देवी ने खुद को आरोपों से अलग बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूर्व सभापति ने जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि उनके नाम और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर कई दस्तावेज जारी किए गए, जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में धारा 69 ए के तहत जारी पट्टों, भूमि आवंटन, भू-रूपांतरण और भवन निर्माण से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्रों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिनकी जांच वर्तमान में जारी है।
हस्ताक्षर फर्जी और अवैध बताए
कौशल्या देवी के अनुसार जिन फाइलों और पत्रावलियों पर उनके हस्ताक्षर अंकित पाए गए हैं, उस अवधि में वे सभापति के पद पर कार्यरत ही नहीं थीं। उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल केवल 6 अप्रैल 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक, कुल 21 दिनों का था। इसके बावजूद कई दस्तावेजों पर उनके नाम से हस्ताक्षर कर फाइलों का निस्तारण किया गया, जो पूरी तरह फर्जी और अवैध है।
प्रशासन की कार्रवाई
आमजन की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गई जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर पहले चरण में 31 पट्टों पर कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद दूसरे चरण में 10 और पट्टे सामने आए, जिन पर भी कार्रवाई की गई।
प्रशासन अब तक 40 से अधिक पट्टों पर कार्रवाई कर चुका है और आगे भी जांच जारी है। मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह प्रकरण नगर परिषद की कार्यप्रणाली और दस्तावेजी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
ब्यूरो चीफ अनिल जटिया

