श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर पं. कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने कहा- भोजन से पहले भगवान को नवैध अर्पित करें, मिलेगा पुण्य फल
मंदसौर। श्री विश्व मंगल बालाजी मंदिर एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में पद्मावती रिसोर्ट के सामने, नानेश नगर इंदिरा कॉलोनी स्थित श्री विश्व मंगल बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस का समापन मालवा स्वामी भागवताभूषणाचार्य पं. श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री के मुखारविंद से हुआ। कथा के दौरान पं. श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने कहा कि जिस प्रकार एक बच्चा अपने माता-पिता से कुछ पाने के लिए जिद करता है, लेकिन माता-पिता उसके हित को ध्यान में रखते हुए हर मांग पूरी नहीं करते, उसी प्रकार भगवान भी भक्तों की हर इच्छा तुरंत पूरी नहीं करते। उन्होंने नारद मुनि के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान ने नारद को उनके कल्याण के लिए बंदर का रूप प्रदान किया था। नारद मुनि ने भगवान को श्राप दिया, लेकिन भगवान ने उन्हें समझाया कि यह सब उनके हित के लिए हुआ है और भगवान शंकर का नाम जपने से उन्हें इस रूप से मुक्ति मिलेगी। कथा प्रसंग में उन्होंने राजा प्रताप भानु के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि उन्होंने पृथ्वी पर दिग्विजय कर अपना राज्य भगवान को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि संतों का मिलन होने पर प्रभु का दर्शन अवश्य होता है। ब्राह्मण और संतों की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को स्वयं ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पं. शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि जब भी भोजन करें, सर्वप्रथम भगवान को नवैध (भोग) अवश्य लगाएं, इससे भोजन प्रसाद स्वरूप बनता है और उसका पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि भोजन के तीन निवाले चित्रगुप्त एवं धर्मराज के नाम से अर्पित करने की परंपरा भी धर्म ग्रंथों में बताई गई है। कथा में भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का सुंदर वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि ब्रह्माजी को भगवान ने संकेत दिया था कि वे सूर्यवंश में अवतार लेंगे। इसके बाद भगवान श्रीराम ने राजा दशरथ के यहां पुत्र रूप में जन्म लिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे रहे और ष्राम सिया राम, सिया राम जय जय रामष् के भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री विश्व मंगल बालाजी की कृपा से नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध कथा व्यास पं. श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री द्वारा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का रसपान कराया जा रहा है। समिति ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर पं. कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने कहा- भोजन से पहले भगवान को नवैध अर्पित करें, मिलेगा पुण्य फल
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