बच्चों ने लिए पटाखे नहीं फोडने का आजीवन नियम
सिंगोली:- मेवाड़ प्रान्त कि धार्मिक नगरी सिंगोली में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज आचार्य श्री ज्ञैयसागर सागर महाराज कि परम प्रभावित शिष्या गुरु मां आर्यिका श्री प्रशममति माताजी व आर्यिका श्री उपशममति माताजी संसघ के सानिध्य में नगर मे धर्म कि गंगा बह रही है 19 अक्टूबर रविवार को माताजी ससंघ के सानिध्य में पाठशाला के सेकंडों बच्चों ने आजीवन पटाखे नही फोडने का त्याग किया है जिससे समाजजनों व नगर के लिए गर्व कि बात है सभी बच्चों को समाजजनों द्वारा तिलक लगाकर व आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज कि सुन्दर तस्वीर देकर सम्मान किया गया पटाखे फोड़ने से जीवों कि हिंसा होती है हिंसक कर्म ओर अशुभ आयु बन्ध होता है क्योंकि उनसे अनगिनत जीवों व वायु प्रदुषण से कई तरह कि बिमारियां होती है निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाली सुनिता बागड़ियां का समाजजनों द्वारा तिलक माला पहनाकर आचार्य श्री कि तस्वीर देकर सम्मानित किया गया माताजी ससघ के सानिध्य में तीन माह से चल रहा श्री पार्श्वकथा का समापन हुआ 21 अक्टूबर मंगलवार को माताजी ससघ के सानिध्य में श्री महावीर भगवान के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा व संगीतमय 64 मंडलीय वर्धमान स्तोत्र विधानू आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का 5 वा समाधि महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाएगा इस अवसर पर बडी संख्या में पाठशाला के बच्चे व बालिकाएं व समाजजन उपस्थित रहेंगे
महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट