धूलभरी अंधड़ ने मचाया कोहराम, तेज अंधड़ से विद्युत ट्रांसफार्मर सहित कई खंभे तो कहीं बड़े-बड़े पेड़ हो गये जमीदोज, मकानों के चद्दर शेड उड़े
चीताखेड़ा – 14 दिनों तक चलने वाले करकट्टा नक्षत्र के सातवें दिन अंचल में रिकॉर्ड तोड़ प्रचण्ड गर्मी का दौर बदस्तूर जारी है, गर्म हवाएं लोगों को झुलसाने लगी है,और दिन भर तीखी धूप ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। रविवार को अल सुबह से दोपहर 2 बजे तक आसमान से सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाया आग के अंगारे बरसते रहे। वहीं दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छा गए और देखते ही देखते तेज धूलभरी अंधड़ चली जिससे चारों ओर धूल छा गई हवा इतनी तेज थी कि सैकड़ों पेड़ और विद्युत खंभे जमीदोज हो गये। शाम साढ़े पांच बजे बाद आसमान में बादल छंटने लगे और एक बार फिर सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाया ऊपर सूर्य देव की तेज गर्मी और जमीन से निकलने वाली उमस से लोगों का डोसा बना दिया।
करकट्टा नक्षत्र के सातवें दिन रविवार को वहीं दोपहर तक प्रचंड गर्मी के बीच लोग गर्मी से परेशान हो गए और पसीने से हर किसी को तर-बतर होते हुए देखा गया। लू के थपेडों ने आम आदमी को घरों से बाहर निकलने नहीं दिया ।जिससे मुख्य बाजार एवं व्यस्ततम मार्गों पर भी कर्फ्यू नुमा सन्नाटा दिखाई दिया।
भीषण गर्मी से आमजन बेहाल हो गए और सड़कों व बाजार में दोपहर को लू के थपेडों ने सन्नाटा पसरा दिया। रविवार को सुबह से ही तपिश का अहसास करा दिया था। हालांकि दोपहर बाद आसमान में हल्के बादलों ने डेरा जमा दिया जिससे बावजूद भी उमस भरी गर्मी में हरकोई पसीने से तरबतर दिखाई दिया। पसीने और गर्मी के बीच दोपहर 2 बजे बाद अचानक से मौसम बदला और तेज धूलभरी अंधड़ के दौरे का सिलसिला शुरू हो गया, धूलभरी अंधड़ की गति भी इतनी तेज थी कि नायनखेडी मार्ग पर स्थित किसान लखमीचंद जुणी के खेत पर लगा विद्युत ट्रांसफार्मर सहित कई खंभे जमीदोज हो गये साथ ही दर्जनों मकानों की छतों के चद्दर शेड उड़ कर पड़ोसियों के मकानों पर जा गिरे तो कहीं पेड़ों की शाखाएं धराशाई हो गई तो किसी के मकानों की पक्की दिवाले जमिदोज हो गई। तेज धूलभरी अंधड़ के कुछ समय बाद तेज बारिश भी शुरू हो गई। इसके कारण उमस की गर्मी और अधिक बढ़ गई और हवा चलने के साथ हुई विद्युत खंबों से विद्युत तार टुटने से घंटों बिजली कटौती ने गर्मी का असर और बढ़ा दिया। बदलते हुए मौसम के बीच गर्मी का असर भी लगातार बढ़ रहा है। शाम साढ़े पांच बजे बाद एक बार फिर सूर्य देव ने तेवर दिखाए। ऊपर सूर्य देव की तेज गर्मी तो वहीं जमीन से निकलने वाली उमस ने लोगों का डोसा बना दिया।
बाजार एवं मुख्य व्यस्ततम मार्गों पर भी कर्फ्यू नुमा सन्नाटा पसरा रहा
गर्मी के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं।गर्म लू के थपेडों से जनजीवन बूरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम तरुणा कनिका ने सलाह दी है कि मौसम में बदलाव से पेट दर्द, उल्टी -दस्त, बुखार आदि पीड़ितों की दिनों दिन बढ़ती संख्या में वृद्धि होती जा रही है। बड़ी संख्या में मौसमी बीमारियों से शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। इसमें ठंडी तासीर के पदार्थों का सेवन करने के साथ पर्याप्त पानी पीने और जूस का उपयोग करने के साथ धूप से बचने तक की एवं मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने की दी। कहा कि विशेष कर बच्चों एवं बुजुर्गों व महिलाओं को इस भीषण गर्मी से एकदम बरसात से ठंडा मौसम तथा ठंडे मौसम से एकदम गर्म मौसम के बदलाव से शरीर के तापमान में परिवर्तन से शरद गर्मी चढ़ जाने से स्वास्थ्य बिगड़ जाता है और व्यक्ति बीमार हो जाता है।
ये भी पढ़े – जूनापानी में आयोजित सप्त दिवसीय 31 कुण्डीय रुद्र महायज्ञ व श्रीमद भागवत कथा का विश्राम व महाप्रसादी 18 को

