सोमवती अमावस्या पर्व पर सुखानंद में भीड़ रही

सोमवती अमावस्या पर्व पर सुखानंद में भीड़ रही

क्षेत्रीय खबरें नीमच

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सोमवती अमावस्या पर्व पर सुखानंद में भीड़ रही

अठाना। अरावली पहाड़ियों के मध्य विराजित भागवत रचयिता वेदव्यास पुत्र मुनि सुखदेव की तपोभूमि श्री सुखानंद धाम पर कल पोष माह कृष्ण पक्ष सोमवती अमावस्या के महत्वपूर्ण पर्व पर बड़ी संख्या में साधु संत शिव उपासकों नागरिकों महिलाओं ने भगवान सुखदेव मुनि को जलाभिषेक पूजा अर्चना कर धर्म लाभ लिया । इस धार्मिक पर्व पर विभिन्न ग्रामों से ट्रैक्टर ट्रॉलीयो में पहुंचे ग्रामीण महिलाएं भोलेनाथ को भजन कीर्तन करते हुए हर्ष उल्लास से पूजा अर्चना कर मेला क्षेत्र में भोजन बनाकर भगवान श्री भोलेनाथ को भोग लगाकर भोजन प्रसादी ग्रहण की गई। शासन प्रशासन की ओर से तो कोई किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं देखी गई थी।फिर भी धार्मिक आस्था नागरिकों में इस सर्द हवाओं में भी देखी गई । बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना दिनभर बना रहा प्रातः सुबह 4: बजे मंदिर पुजारी महेश ओमप्रकाश पाराशर द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना कर महा आरती की गई । मंदिर परिसर में 71 फीट ऊंचाई से गिरने वाला झरना जल प्रताप निरंतर अभी भी चल रहा है । जिसमें नागरिकों श्रद्धालुओं यात्रियों ने स्नान कर पूजा अर्चना की । सोमवती अमावस्या पर्व पर जिला वन मंडलाधिकारी नीमच श्री एक के अटोटे भी सह परिवार मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर जलभिषेक किया गया । दिन भर यात्रियों का आने जाने का क्रम बना रहा इस दौरान यात्रियों द्वारा मंदिर परिसर में निवासरत उछल कुद करने वाले 400 वानरो को भी श्रद्धालुऔ द्वारा चना बिस्किट मूंगफली फल आदि खिलाए गए । सुखानंद मंदिर प्रबंधक बंसीलाल नागदा ने जिला प्रशासन से मांग की गई है कि स्टापडेम के समीप पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित किचन सेट के नजदीक रास्ता अवरुद रहने से नागरिकों को बहुत परेशानियां उठाना पड़ी । आगामी मकर संक्रांति ओर महाशिवरात्रि पर्वो पर बड़ी संख्या में मालवा मेवाड़ अंचल से हजारों श्रद्धालु मंदिर आएंगे उन्हें यात्रा में कोई परेशानी ना हो इस हेतु जिला प्रशासन को समय रहते ध्यान देकर आवागमन पैदल रास्ते में पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं । उन्हें हटाया जाए। मंदिर क्षेत्र में गंदगी के अंबार लगे हुए हैं जगह-जगह उधर उधर बिखरे पड़े लाल पीले कपड़े स्वच्छता को पलीता लगा रहे हैं । इस शासकीय मंदिर पर अन्य समस्याएं भी हैं को दूर करना जनहित में उचित रहेगा । उज्जैन कमिश्नर द्वारा यहां धार्मिक देवस्थान प्रबंध समिति भी गठित कर रखी है लेकिन इस समिति की बैठक भी पिछले छह-सात माह से आयोजित नहीं हुई है। शांतिलाल चौहान द्वारा फोटो प्रेषित है

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